विवाहिता की हत्या में तीन अभियुक्तों को सजा सुनाई
मुजफ्फरनगर। फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या दो ने विवाहिता की हत्या में पति, सास और ससुर को दोषी करार देते दस-दस वर्ष के कारावास और 35-35 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
एडीजीसी फिरोज अली के अनुसार शामली के थाना थानाभवन के गांव नांगल निवासी अनिल कुमार ने चरथावल थाना पर 28 फरवरी 2016 को बेटी की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि बेटी शिखा रानी की शादी एक मई 2013 को निखिल पुत्र मदनलाल निवासी ग्राम ज्ञाना माजरा के साथ हुई थी। दहेज की मांग पूरी न होने पर पति निखिल , सास बिमलेश उर्फ ममतेश , ससुर मदनलाल ने शिखा की फांसी लगा कर हत्या कर दी। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश निशांत देव की फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या- 2 में हुई। एडीजीसी फिरोज अली ने नौ गवाह पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए विवाहिता के पति निखिल , सास बिमलेश उर्फ ममतेश , ससुर मदनलाल को शिखारानी की हत्या करने का दोषी करार देते हुए दस-दस वर्ष के कारावास और 35-35 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। सजा सुनाए जाने पर सभी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।