इस बार घरेलू उत्पाद की बढ़ सकती है मांग
मुजफ्फरनगर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकल फॉर वोकल के नारे से खादी के दिन भी बहुरेंगे। सरकारी उपेक्षा और घाटे का दंश झेल रहे खादी उद्योग को अब उम्मीद बंधी है। हालांकि जिले में बुनकर धीरे-धीरे समाप्त होते जा रहे हैं और पर्याप्त मात्रा कच्चा माल नहीं मिल पा रहा है। सर्दी के साथ ही गीजर और हीटर की डिमांड भी बाजारों में बढ़ने लगी है।
खादी से हजारों बुनकरों का रोजगार टिका है। खादी की दुकानों पर सर्दी से पहले रजाई और कंबल की बंपर बिक्री होती रही है। कचहरी रोड स्थित खादी की दुकान पर पांच हजार रजाई एक सीजन में बिकती रही है। ग्राहकों को भी यहां छूट का लाभ मिलता रहा है। खादी पर केंद्र सरकार बीस और राज्य सरकार दस प्रतिशत की सब्सिडी देते रहे हैं। फिलहाल सरकार ये छूट नहीं दे रही है। कच्चे माल की उत्पाद पर सब्सिडी दी जा रही है। प्रदेश सरकार कच्चा माल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं करा पा रही है। इस कारण सीजन में अब एक हजार रजाई की बिक्री ही रह गई है। खादी दुकान के प्रबंधक कुंवरजी पांडेय कहते हैं कि बिक्री बढ़ती है तो खादी के दिन बहुर सकते हैं। फिलहाल स्थिति अच्छी नहीं है। दीपावली पर्व पर उम्मीद है कि अच्छी बिक्री होगी।
खादी के लिए ठोस नीति बने
मुजफ्फरनगर। क्षेत्रीय श्री गांधी आश्रम कंबल विभाग के सचिव जीउत सिंह यादव कहते हैं कि यहां का कंबल पूरे यूपी में सप्लाई होता था, हजारों बुनकरों को रोजगार मिल रहा था। बीस साल पहले सात करोड़ का व्यापार एक वर्ष का था, अब यह घटकर एक करोड़ का रह गया है। केंद्र सरकार को खादी को बचाने के लिए ठोस नीति बनानी होगी।
पानीपत के कंबलों की डिमांड
मुजफ्फरनगर। पानीपत के कारखानों में तैयार कंबल, खादी उद्योग के कंबलों से मंदा है। कंबल में सफाई भी है। हालाकि गुणवत्ता खादी के कपडे की है, जो ऊन से बनता है। बाजार की चकाचौंध में पानीपत के कंबलों की बिक्री बढ़ रही है।
बाजार पर ऑनलाइन का प्रभाव
मुजफ्फरनगर। बाजार में हीटर और गीजर की दुकानों पर इस बार अपेक्षा के अनुसार कम बिक्री हैं। हालांकि अभी सर्दी शुरू हुई है। सरकार के ऑनलाइन बिजनेश को बढ़ावा दिए जाने से दुकानों से बिक्री प्रभावित हुई है। अग्रवाल मार्केट में इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान करने वाले निखिल जैन कहते हैं कि ऑनलाइन में रेट कम हैं। कंपनी का बहुत सा खर्च बच रहा है। आम दुकानदार को इसका सीधा नुकसान हो रहा है। फिर भी सर्दी के कारण डिमांड बढ़ी है।
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