इस बार शीतला माता की पूजा नहीं कर सकेंगे श्रद्धालु
मुजफ्फरनगर, बुढ़ाना। तहसील क्षेत्र के गांव खरड़ में ज्येष्ठ दशहरा पर इस वर्ष भी कोरोना महामारी के कारण विभिन्न प्रदेशों व दूरदराज से आने वाले श्रद्धालु शीतला माता व बसंती माता के दर्शन व पूजा अर्चना नहीं कर सकेंगे। माता के दर्शन पर कोरोना महामारी का ग्रहण लग गया है। मंदिर में केवल सूक्ष्म रूप से पूजा की रस्म पूरी की जाएगी। मेले का आयोजन भी नहीं होगा।
तहसील क्षेत्र के खरड़ गांव में करीब 300 वर्ष पुराना शीतला माता का मंदिर है। गांव के बाहर जूड़ में बसंती माता व शाकंभरी देवी माता का मंदिर है। शीतला माता व बसंती माता का मंदिर करीब 300 वर्ष पुराना है। जूड़ में स्थित बसंती माता के मंदिर परिसर में ही शाकंभरी देवी का मंदिर है। खरड़ गांव के दोनों मंदिर परिसर में प्रतिवर्ष ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की दशमी को मेले का आयोजन होता है। इस मौके पर माता के मंदिरों के कपाट खुल जाते हैं। भीड़ इतनी होती है कि दूरदराज से आने वाले श्रद्धालु आठ से दस घंटे तक लाइन में लगकर ही माता के दर्शन व पूजा-अर्चना कर पाते हैं। शीतला माता मंदिर कमेटी के पदाधिकारी प्रभात शर्मा ने बताया कि माता अपने सभी श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूरी करती हैं। बसंती माता मंदिर के महंत मदन गिरि व शाकंभरी देवी मंदिर के महंत नागेश्वर पुरी ने बताया कि श्रद्धालु सबसे पहले शीतला माता की पूजा करते हैं। शीतला माता की पूजा-अर्चना के बाद ही शाकंभरी देवी व बसंती माता की पूजा-अर्चना होती है।
मंदिर कमेटी के पदाधिकारी करेंगे पूजा-अर्चना
बुढ़ाना। कोरोना महामारी के कारण शीतला माता के मंदिर में सार्वजनिक पूजा-अर्चना नहीं हो सकेंगी। मंदिर कमेटी के पदाधिकारी व उनके परिवार की महिलाएं पिछले वर्षों की भांति इस वर्ष भी पूजा की रस्म पूरी करेंगी। मंदिर में सूक्षम रूप से ही पूजा-अर्चना होगी। मंदिर कमेटी के पदाधिकारी प्रभात शर्मा ने बताया कि पूजा अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ी तो मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाएंगे।
बुढ़ाना के खरड़ गांव में शीतला माता मंदिर का बंद दरवाजा।- फोटो : MUZAFFARNAGAR