खतौली में लगे तीसरी आँखों की नजर भी खराब हुई
मुजफ्फरनगर, खतौली। मुजफ्फरनगर शहर के अलावा खतौली कस्बे में प्रमुख स्थानों पर लगाए गए सभी 22 सीसीटीवी कैमरे महज पांच साल में ही शोपीस बनकर रह गए हैं। बजट के अभाव में इन कैमरों के रखरखाव पर खर्च करने से पालिका ने इंकार कर दिया है। नतीजतन धीरे-धीरे कर कुछ कैमरे खराब हो चुके हैं तो कुछ गायब किए जा चुके हैं।
कस्बे में सुरक्षा के मद्देनजर पूर्व चेयरमैन पारस जैन द्वारा वर्ष 2015 में करीब 20 लाख की लागत से कस्बे के सभी प्रमुख चौराहों व स्थलों पर 22 सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए थे। इन सभी कैमरों के रिकॉर्डिंग संबंधित कैमरों के टावरों पर लगे बॉक्स में की जाती थी। करीब तीन साल पूर्व चेयरमैन बिलकिस बेगम के आने के बाद इन सीसीटीवी कैमरों पर धीरे-धीरे धूल जमा होने लगी और वर्तमान में उक्त सभी कैमरे पूरी तरह से ठप हो चुके हैं। वहीं, कस्बे में नौ स्थानों से तो कैमरे ही गायब किए जा चुके हैं, जिनकी कोई जानकारी किसी के पास नहीं है।
इन क्षेत्रों से गायब कर दिए गए सीसीटीवी कैमरे
खतौली। कस्बे में सीसीटीवी कैमरों में से नौ स्थानों से ये गायब (चोरी) हो चुके हैं। इनमें घंटाघर, इंद्रा मूर्ति, जानसठ तिराहा, सरकारी अस्पताल, गंगनहर, गोशाला, थाने के सामने, ढाकन चैक और बुढ़ाना रोड शामिल हैं। उधर, सीसीटीवी कैमरे एक दर्जन स्थानों पर लगे तो हैं, लेकिन पूरी तरह शोपीस बनकर रह गए हैं। इनमें मुख्य रूप से शिशु शिक्षा निकेतन, बुढ़ाना रोड, थानेश्वार महादेव मंदिर, पिकेट इंटर कॉलेज, झाड़ दीवान मंदिर, चर्च के पास, नागर कॉलोनी के सामने, दयालपुरम के सामने, सैनीनगर, शिवमूर्ति और रेलवे रोड शामिल हैैं।
सरकारी पैसे का किया गया दुरुपयोग: व्यापारी
खतौली। कस्बे में 20 लाख की लागत से लगवाए गए सीसीटीवी कैमरों को कस्बे के व्यापारी सरकारी पैसों का दुरुपयोग करार देते हैं। कस्बे के व्यापारी राजेश जैन, बलबीर भाटी और सुनील जैन का कहना है कि सुरक्षा की दृष्टि से लगवाए गए इन सीसीटीवी कैमरों का कभी कोई इस्तेमाल ही नहीं किया गया। अब हाल यह है कि कुछ जगह से सीसीटीवी कैमरे गायब भी हो चुके हैं तो कुछ शोपीस बनकर रह गए हैं। यह सीधे तौर पर सरकारी पैसों का दुरुपयोग है।
इन्होंने कहा .......
- पालिका ईओ जेपी यादव का कहना है कि कस्बे में सीसीटीवी कैमरों का संचालन नहीं हो रहा है। इनके संचालन की कोई योजना भी नहीं है।
- पालिका चेयरमैन बिलकिस बेगम का कहना है कि पूर्व चेयरमैन द्वारा लगाए गए सीसीटीवी कैमरे पूरी तरह से संचालित नहीं थे। उनका कंट्रोल रूम भी नहीं बनाया गया था। अब इन कैमरों का संचालन होने के लिए जरूरी बजट पालिका के पास नहीं है, जिसके चलते इन्हें संचालित नहीं कराया जा रहा है।
खतौली में लगे सीसीटीवी कैमरे बने शोपीस- फोटो : MUZAFFARNAGAR