-प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय में चल रही तपस्या भट्टी का समापन
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सवाद न्यूज एजेंसी
मोरना। शुकतीर्थ स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के प्रांगण में 15 दिन से चल रही तपस्या भट्टी का समापन हो गया। समापन पर दिव्य प्रवचनों को श्रद्धालु ने सुना। इस मौके पर पुष्पा माता का जन्मदिन धूमधाम से मनाया गया। साथ ही अतिथियों का सम्मान किया गया। मुख्य अतिथि सुरेश दीदी ने कहा कि हमें परमात्मा की दी हुई वस्तुओं को महत्वपूर्ण मानकर उनका सम्मान करना चाहिए।
सोमवार को उन्होंने कहा कि परमात्मा का दिया हुआ शरीर अनमोल है। एक वस्तु के खराब हो जाने पर हमें लाखों रुपये खर्च करने पड़ते हैं, जबकि परमात्मा ने हमारे शरीर को उपहार स्वरूप दिया गया है। हम प्रसन्न रहकर दूसरों को खुशियां बांटें, यही सबसे बड़ा कार्य है। बीके कंचन बहन ने कहा कि मुख के मौन से बढ़कर मन का मौन है। आज मानव सबसे खराब प्राणी बनकर रह गया है, जबकि परमात्मा ने उसे श्रेष्ठ प्राणी बनाया है। हमें असत्य से सत्य की ओर लौटना है। विश्व से हिंसा को समाप्त करना है। बीके प्रवेश बहन ने कहा कि परमात्मा से हमारा सम्बंध सबसे श्रेष्ठ है। वह प्रेम से भरा हुआ है, इसलिए परमात्मा हमारे निकट है। हमें परमात्मा को अपना हाथ पकड़ाना होगा, जिससे हमारे जीवन में कोई कठिनाई नहीं आएगी। इस अवसर पर बीके जगपाल भाई, मनीषा बहन, अनीता बहन, छाया बहन, बीनू बहन, प्रभा बहन, श्रवण भाई, रामफल महाराज, नेहा, आरती, खुशी मौजूद रहे।