मुजफ्फरनगर। जनपद की 487 ग्राम पंचायतों में से छह में निर्वाचित ग्राम प्रधान कार्यरत नहीं हैं। इन पंचायतों में प्रधानों की मृत्यु या अन्य कारणों से उनका कार्यभार समिति सदस्यों को सौंपा गया है। ऐसे में प्रशासन को लेकर यहां पेंच फंसने की संभावना है।
गांव नवादा चिरौली के प्रधान जितेंद्र कुमार और काजीखेड़ा के प्रधान खेमचंद का निधन हो चुका है। मांडी गांव की प्रधान जैनब को पद से हटा दिया गया था। उनके स्थान पर प्रधान बनी सदस्य साजिदा ने भी त्यागपत्र दे दिया है।
छछरोली ग्राम प्रधान ने अपनी जिम्मेदारी निभाने में असमर्थता जताई थी। इसके बाद ग्राम पंचायत सदस्य शिक्षा को वहां का कार्यभार सौंपा गया। इसके अतिरिक्त, गांव भुवापुर में पंचायत सदस्य प्रीतम सिंह को प्रधान का कार्यभार मिला है। वहीं, भायंगी में ताराचंद को प्रधान पद की जिम्मेदारी दी गई है।
रिक्त पदों की स्थिति
जनपद में कुल 487 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें से 481 में निर्वाचित ग्राम प्रधान अपने पद पर कार्यरत हैं। शेष छह पंचायतों में प्रधानों के पद विभिन्न कारणों से रिक्त हैं। इनमें प्रधानों की मृत्यु, पद से हटाना और त्यागपत्र देना मुख्य कारण हैं। इन सभी पंचायतों में अब ग्राम पंचायत सदस्यों को कार्यभार सौंपा गया है।
डीएम ने जारी किया पत्र, निष्क्रिय होंगे डोंगल
जनपद के 487 गांव में से 481 के निवर्तमान प्रधानों को ही संबंधित ग्राम पंचायतों में प्रशासक के रूप में नियुक्त किया गया है। शासन की ओर से जारी पत्र का हवाला देते हुए डीएम की ओर से इस संबंध में आदेश पत्र जारी कर दिया गया है। इसके साथ ही सभी ग्राम प्रधानों के डोंगल भी निष्क्रिय कर दिये गए। निवर्तमान प्रधान प्रशासक के तौर पर कार्य करेंगे। सामान्य कामकाज के अलावा उन्हें कोई भी नीतिगत निर्णय लेने की आजादी नहीं होगी। डीपीआरओ रेनु श्रीवास्तव ने बताया कि आदेश जारी कर दिए गए हैं।