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प्रियंका गांधी से मिलकर सुबक पड़ी रुकैया

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शनिवार सुबह मुजफ्फरनगर के खालापार में पीड़ित के घर पहुंचने के दौरान भीड़ का अभिवादन करतीं कांग्? - फोटो : MUZAFFARNAGAR
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प्रियंका गांधी से मिलकर सुबक पड़ी रुकैया
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मुजफ्फरनगर। कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने शहर में हुई हिंसा के बाद पुलिस कार्रवाई में जख्मी हुए पीड़ित परिवारों के सदस्यों से मिलकर उन्हें इंसाफ दिलाने का भरोसा दिलाया। प्रियंका गांधी से मुलाकात के दौरान सिलसिलेवार पीड़ितों ने उन्हें आपबीती सुनाई। प्रियंका गांधी ने लोगों के साथ हुई ज्यादती और प्रशासन के रवैये पर एतराज जताया। घायल मौलाना असद रजा से घटनाक्रम की जानकारी ली। जसवंतपुरी की रुकैया ने सुबकते हुए प्रियंका गांधी को बताया कि तोड़फोड़ का विरोध करने पर पुलिस ने उसके व परिजनों को पीटा। प्रियंका ने रुकैया के सिर पर हाथ रखा और उसके पिता को भी दिलासा दी।
शनिवार को प्रियंका गांधी वाड्रा सबसे पहले मौलाना असद रजा के दक्षिणी खालापार स्थित आवास पर पहुंची। वहीं पर अन्य पीड़ितों को भी बुला लिया गया था। मौलाना असद, मदरसा औजा ए इलमिया इमाम हुसैनिया के प्रबंधक हैं। गत 20 दिसंबर को हुए उपद्रव के दौरान वे मदरसे के ऑफिस में मौजूद थे। वहां से पुलिस ने मदरसा के कई छात्रों के साथ मौलाना को भी पकड़ लिया था। बाद में मौलाना को छोड़ दिया गया। आरोप है कि इस दौरान उनके साथ मारपीट की गई। उन्हें गंभीर चोटें आईं। हाथ और पैर में फ्रेक्चर है। शरीर के कई हिस्सों पर भी चोट के निशान हैं। प्रियंका गांधी ने मौलाना से कहा कि यह बेहद गलत हुआ है। मदरसे से उठाए गए 17 छात्रों में से चार को शुक्रवार को छोड़ा गया है, जबकि 13 अभी भी जेल में हैं। इनमें कई नाबालिग हैं। पुलिस और अफसरों का रवैया गैर जिम्मेदाराना रहा है। मौलाना असद रजा ने बताया कि प्रियंका गांधी ने उनसे घटना के बारे में पूछा था, लेकिन उन्होंने कहा कि जो होना था सो हो गया। कुछ पुलिस अधिकारियों ने उनकी मदद भी की है। मौलाना ने बताया कि अभी कई छात्र जेल में हैं।
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मौलाना के घर पर ही मौजूद कच्ची सड़क जसवंतपुरी निवासी रुकैया परवीन पुत्री मोहम्मद कादिर से भी प्रियंका गांधी ने बात की। रुकैया और उसकी बहन की चार फरवरी को शादी होनी है। रुकैया ने सुबकते हुए बताया कि तोड़फोड़ का विरोध करने पर पुलिस ने उसके व परिजनों को पीटा। उसके सिर में 16 टांकें लगे हैं। शादी के लिए घर में रखा सामान भी पुलिस ने तोड़फोड़ दिया। इस पर प्रियंका ने रुकैया के सिर पर हाथ रखते हुए उसे ढांढस बंधाया। पास में मौजूद उसके पिता कादिर से कहा कि वह उनके साथ खड़ी हैं। इस दौरान जसवंतपुरी निवासी हाजी इंतसार ने भी कांग्रेस महासचिव को पुलिस ज्यादती और घर में हुई तोड़फोड़ के बारे में जानकारी दी। कच्ची सड़क निवासी जिला सेवायोजन कार्यालय के लिपिक फारूक भी प्रियंका से मिले और बताया कि उन्हें भी गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था, जबकि वह कार्यालय में थे। बाद में पुलिस-प्रशासन ने उन्हें निर्दोष मानते हुए रिहा करा दिया। उनका बेटा अभी भी जेल में हैं। उन्होंने बताया कि अंबा विहार के तीन निर्दोष भाइयों को भी उन्हीं के साथ छोड़ा गया है। इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष हरेंद्र त्यागी ने खालापार में हाजी अनवार समेत अन्य लोगों के घरों पर की गई तोड़फोड़ की जानकारी प्रियंका गांधी को दी।
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