मोरना। शुकतीर्थ में गंगा के घटते जल स्तर, तीर्थ नगरी सहित गंगा स्नान घाट पर अतिक्रमण को लेकर जनप्रतिनिधियों के बीच नाराजगी है। विभिन्न विभागों के अधिकारी पहुंचे लेकिन सहमति नहीं बनी। साधू संतों का कहना है कि समस्याओं के शीघ्र निवारण के लिए मंगलवार को पंचायत करेंगे।
शुकतीर्थ में गंगा के घटते जल स्तर, विकास और सुंदरीकरण कार्य के दौरान फैली अवस्थाओं को लेकर साधु संतों में लगातार रोष बढ़ता जा रहा है। सोमवार को गंगा घाट पर साधू संत एकत्र हुए। मीरापुर विधायक मिथलेश पाल के पति अमरनाथ पाल और उनकी बेटी सुप्रिया भी पहुंची।
संतों ने सीएनडीएस और ड्रेनेज विभाग के अधिकारियों से बातचीत के दौरान नाराजगी जताई। महामंडलेश्वर स्वामी गोपालदास ने बताया कि डेढ़ सौ करोड़ रुपये खर्च करने के दावे किए जा रहे हैं लेकिन आवश्यकता के अनुरूप कार्य योजना न होने के कारण सरकारी धन की बर्बादी की जा रही।
गंगा घाट पर नवनिर्मित भवन के द्वार आदि सहित भीतर का निर्माण टूट गया है। जल स्तर के नियमित उचित मात्रा में बने रहने की कोई ठोस व्यवस्था नहीं हो पाई।
मेले के दौरान थोड़ा सा पानी गंग नहर के माध्यम से सोलानी नदी में छोड़ा जाता है।बाण गंगा की सफाई कराकर शुकतीर्थ में जलस्तर नियमित किया जाए।
साधु संत मंगलवार को एक पंचायत करेंगे जिसमें भविष्य को लेकर रणनीति बनाई जाएगी। इस दौरान मण्डल अध्यक्ष अरुणपाल, सीएनडीएस के प्रोजेक्ट मैनेजर रविंद्र कुमार, अवर अभियंता रामवीर सिंह, अमरकांत,ड्रेनेज विभाग के अवर अभियंता संजीव मलिक, विनोद शर्मा, अजय कृष्ण शास्त्री, डॉ.महकार सिंह,वरुण सहरावत, देवेंद्र आर्य, विनोदपाल, विक्रम सिंह मौजूद रहे।