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Muzaffarnagar: घर में शादी है..., मेरी दादी का शव मोर्चरी में रख लीजिए, पोते ने लिखकर दिया पत्र

Mon, 12 Jun 2023 12:08 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर

सार

शादी वाले घर में दादी की मौत हुई तो पोते ने दादी का शव घर ने ले जाकर मोर्चरी में रखवा दिया। पोते ने शव के साथ एक पत्र भी मोर्चरी कर्मचारियों को लिखकर दिया कि उसके घर में शादी है जिस कारण वह दादी का शव घर नहीं ले जा सकता। पढ़ें क्या है पूरा मामला।
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हास्पिटल में मृतका कमला  के परिजनो द्वारा लिखा पत्र।
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विस्तार
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मुजफ्फरनगर शहर के लक्ष्मण विहार के एक घर में पोते की शादी की तैयारियां चल रही थी। खुशी के बीच दादी की तबीयत खराब हो गई। अस्पताल ले जाते हुए उनकी मौत हो गई। दूसरे पोते ने घर में शादी का हवाला देकर दादी के शव को नर्सिंग होम की मोर्चरी में रखवा दिया। मृतका के छोटे बेटे को पता चला तो वह नर्सिंग होम पहुंचा और शव को सुपुर्दगी में लेकर अंतिम संस्कार किया।

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मूल रूप से सिसौली निवासी और वर्तमान में शहर के लक्ष्मण विहार में रह रहे नरेंद्र गुप्ता के छोटे बेटे की शादी की तैयारी चल रही थी। इसी दौरान शनिवार को माता कमला देवी (75) की तबीयत खराब हो गई। पोता गौरव गुप्ता अस्पताल लेकर पहुंचा तो बुजुर्ग को मृतक घोषित कर दिया गया। एक तरफ शादी की खुशी थी और दूसरी तरफ दादी की मौत। ऐसे माहौल में पोते ने शव को शहर के ईवान हॉस्पिटल की मोर्चरी में रखवा दिया और यह लिखकर दे दिया कि घर में शादी है। वह शव को 12 जून की सुबह आकर ले जाएगा।

कुछ देर बाद मृतका के बेटे भक्तिभूषण महाराज को मां के निधन की खबर मिली। शुक्रताल से वह अपने समर्थकों के साथ हॉस्पिटल पहुंचे और अस्पताल प्रबंधन से शव मांगा। काफी देर तक हंगामे की स्थिति बन गई। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने गौरव गुप्ता की सहमति से शव भक्तिभूषण महाराज को दे दिया। रविवार को कमला देवी का शुक्रताल में अंतिम संस्कर कर दिया गया।

परिवार में रविवार को हाेने वाली शादी भी स्थगित कर दी गई। मृतका के बड़े बेटे नरेंद्र गुप्ता का कहना है कि शादी स्थगित कर दी गई है और शुक्रताल में अंतिम संस्कार किया गया है। भक्ति भूषण महाराज का कहना है कि मां उससे बहुत प्यार करती थी, जैसे ही पता चला तो वह अस्पताल पहुंचा और शव को लेकर आ गया।
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