मातृभाषा की गोदी में ही तो जन्म-मरण के रिश्ते हैं...
मुजफ्फरनगर, चरथावल। दादी-नानी की परियों को जिस वाणी का पंख मिला..मातृभाषा की गोदी में ही तो जन्म-मरण के रिश्ते हैं..इन पंक्तियों में हिंदी का गौरव छिपा है। हिंदी दिवस पर शिक्षाविदों ने संवाद में कहा कि हिंदी हम भारतीयों की पहचान है। देश का गौरव और सम्मान है। हिंदी संस्कृति और संस्कारों का प्रतिबिंब है। हमारी सभ्यता और संस्कृति को जोड़ने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने पाठ्यक्रम में बदलाव कर हिंदी को आगे बढ़ाने का पक्ष लिया।
- महाराजा अग्रसेन कन्या महाविद्यालय की प्राचार्या डा. अनीता रानी कहती हैं कि हिंदी विश्व की सर्वश्रेष्ठ भाषा है। लेकिन हिंदी की उपेक्षा के चलते युवा पीढ़ी भटक रही है। इसके प्रसार के लिए सरकार को पाठ्यक्रम में हिंदी अनिवार्य करनी चाहिए।
- जनता इंटर कॉलेज कुटेसरा के प्रधानाचार्य राजेश कुमार का मंतव्य है कि हिंदी देश की आत्मा है, गौरव है। राष्ट्र के विकास के लिए हम सब मिल जुलकर हिंदी भाषा को आगे बढ़ाएं। जिस देश की भाषा नष्ट हो जाती है, उसका पतन होना निश्चित है।
- कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय की प्रधानाचार्या आशा हिंदी भाषा को वास्तविक पहचान बनाने की पक्षधर हैं। उन्होंने कहा कि हिंदी जन-जन को मिलाने और देश को एकता के सूत्र बांधती है। भावनाओं को व्यक्त करने का सरल और सहज उपाय हिंदी है।
- किड्स हैवन पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य शोएब अहमद ने कहा कि महात्मा गांधी ने हिंदी के लिए सभाएं की, ताकि हिंदी बहुप्रसारित हो। संविधान के अनुच्छेद 343(1) में लिखा है संघ की राजभाषा हिंदी होगी और लिपि देवनागरी। लेकिन विरोध की वजह से हिंदी पूरे देश की राजभाषा नहीं बन सकी।
- गांधी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डा. मनोज गुप्ता की राय में विश्व की तीसरी सबसे अधिक बोले जाने वाली हिंदी भाषा के ज्ञान और उसके प्रचार-प्रसार में अमर उजाला की मुहिम से जागरूकता बढ़ रही है। वर्ष 2009 में दुनिया के सबसे बड़े सर्च इंजन गूगल ने हिंदी को अपनाया है। भारतेंदु हरिशचंद द्वारा रचित निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति का मूल..में स्वभाषा के महत्व को दर्शाया है।
शोएब अहमद प्रधानाचार्य- फोटो : MUZAFFARNAGAR
आशा गुप्ता प्रधानाचार्या- फोटो : MUZAFFARNAGAR
राजेश कुमार प्रधानाचार्य- फोटो : MUZAFFARNAGAR
डा.अनीता रानी प्राचार्या- फोटो : MUZAFFARNAGAR