श्रमिकों को साइकिल बांटते अधिकारी।
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विकास भवन में जनपद के 252 श्रमिकों को साइकिल वितरित की र्गइं। इस अवसर पर डीएम डीके सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार ने श्रमिकों के लिए अपना खजाना खोल दिया है। चिनाई, भट्ठा मजदूरी और मनरेगा में लगे श्रमिकों के लिए बच्चे के जन्म से लेकर श्रमिक की मृत्यु तक पर परिवार को सहायता दी जा रही है।
डीएम ने कहा कि श्रम विभाग में सौ रुपये में अपना पंजीकरण कराने वाले सभी श्रमिकों को सरकार छह माह के बाद साइकिल देती है। श्रम विभाग में गरीब श्रमिकों को बच्चे के जन्म होने पर आर्थिक सहायता दी जाती है। पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति, लड़की की शादी के लिए मदद की जाती है। बीमारी होने पर मदद, विकलांग होने पर अक्षमता पेंशन, श्रमिक की मृत्यु होने पर अंत्येष्टि सहायता योजना भी है।
श्रमिकों को अपने पंजीकरण प्रतिवर्ष 50 रुपये में रिन्यूअल कराना नहीं भूलना चाहिए। सहायक श्रम आयुक्त डॉ. अनिल सिंह ने बताया कि जिले में इस समय 44 हजार श्रमिक पंजीकृत हैं। संचालन श्रम प्रवर्तन अधिकारी केके मिश्रा ने किया। सर्वप्रथम महिला श्रमिकों को साइकिल वितरित की गईं। इस अवसर पर सीडीओ अंकित अग्रवाल, श्रम प्रवर्तन अधिकारी सत्यवीर सिंह, राशिद सिद्दीकी, मुफ्ति जुल्फिकार, कारी अब्दुल गफ्फार आदि मौजूद रहे।