मुजफ्फरनगर। रामपुर तिराहा कांड में साक्ष्य के लिए हाजिर हुए गवाह ने आंदोलनकारी महिलाओं के साथ पुलिस और पीएसी की बर्बरता बताई। अदालत में कहा कि एक महिला को गन्ने के खेत और दूसरी को कोठरी में खींचा गया था। दो पुलिसकर्मियों के अलावा एक अन्य आरोपी की पहचान की। अपर जिला जज अंजनी कुमार सिंह ने अगली सुनवाई के लिए 16 अगस्त नियत की है। मंगलवार को को सुनवाई के दौरान 12 आरोपी हाजिर हुए, जबकि चार ने हाजिरी माफी प्रार्थना पत्र अदालत में दिया। छपार क्षेत्र के मलीरा से पहुंचे गवाह ने अदालत में बताया कि वह होटल पर काम करता था। रात करीब 10 बजे उनके पास एक दरोगा पहुंचे और कहा कि आंदोलनकारियों को खाना नहीं देना। इसके बावजूद होटल संचालक ने खाना दिया।
खाना खाने के दौरान ही पुलिसकर्मियों ने लाठीचार्ज कर दिया। सिपाही विक्रम और संजीव रामपुर तिराहा चौक पर तैनात थे, इसलिए वह उन्हें पहचानता है। अदालत में हाजिर एक अन्य आरोपी की पहचान भी गवाह ने की। दो पुलिसकर्मी एक महिला को गन्ने के खेत में ले गए थे। इस दौरान महिला बचाने की गुहार लगाती रही थी।