मुजफ्फरनगर। भारतीय योग संस्थान के प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य योगाचार्य सुरेंद्र पाल सिंह आर्य ने कहा कि यह सृष्टि पांच भौतिक तत्वों से मिलकर बनी है। यज्ञ को इस धरती का लघु सूर्य कहा जा सकता है, क्योंकि यज्ञ की अग्नि सामान्य अग्नि से बहुत पवित्र एवं शुद्ध होती है।
ग्रीनलैंड मॉडर्न जूनियर हाईस्कूल में साप्ताहिक योग चर्चा पूरक चिकित्सा में यज्ञ थेरेपी का महत्व बताया। उन्होंने बताया कि हवन की सामग्री में पुष्टि कारक, जीवाणु नाशक एवं सुगंधी वर्धक पदार्थ मिलाए जाते हैं। जिससे वायु शुद्ध होती है और अनेक प्रकार के संचारी रोगों के जीवाणु नष्ट हो जाते हैं। जिला प्रधान श्री राज सिंह पुंडीर ने कहा कि यज्ञ हमारी संस्कृति है। हमें प्रतिदिन यज्ञ करना चाहिए। योग शिक्षिका सुमन गर्ग ने कहा की प्रतिदिन हवन करने से वायुमंडल शुद्ध होता है।इस अवसर पर मुनेश देवी, रेखा शर्मा, दिव्या, नीलम राठी ,अपर्णा मलिक, दामिनी ,रूबी ,अमित कुमार ,आचार्य रामकिशन सुमन ,हर्षवर्धन ,डॉ अजय कुमार और नीरज बंसल मौजूद रहे।