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दोपहर-रात में नहीं मिलती ट्रेन, बाईपास पर उतारती है रोडवेज

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मुजफ्फरनगर। दिल्ली से शाम छह बजकर चालीस मिनट के बाद मुजफ्फरनगर-सहारनपुर मार्ग के लिए और सुबह दस बजे से चार बजे के बीच दिल्ली जाने के लिए ट्रेन न होने के कारण यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैं। बस व अन्य साधनों से यात्रा करने पर यात्रियों पर आर्थिक मार भी पड़ रही है। दैनिक यात्री संघ ने दोपहर व रात में ट्रेन चलाने की मांग की है।
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मुजफ्फरनगर से व्यापारी व सैकडों लोग ऐसे है जो प्रतिदिन दिल्ली माल लेने के लिए जाते है। तो बडी संख्या ऐसे लोगों की भी है जो यहां से ट्रेन में सवार होकर अपनी विभिन्न मंजिल के लिए रवाना होते है। यह सभी लोग ट्रेनों के आने जाने के समय के कारण परेशान है।
दिन की व्यवस्था-
- सुबह में नई दिल्ली जाने के लिए जालंधर एक्सप्रेस ट्रेन दस बजकर दस मिनट पर आती है।
- दोपहर बाद निजामुदीन जाने के लिए साढे चार बजे ट्रेन मुजफ्फरनगर आती है।
रात की व्यवस्था
- शाम के समय दिल्ली से मुजफ्फरनगर वाया सहारनपुर जाने वाली ट्रेन छह बजकर दस मिनट पर पुरानी दिल्ली से चलकर नई दिल्ली स्टेशन पहुंचती है। वहां छह बजकर चालीस मिनट पर रवाना होती है। इसके बाद रात में मुजफ्फरनगर आने के लिए दिल्ली से कोई ट्रेन नहीं है।
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रात में बाईपास पर उतारती है रोडवेज
नई दिल्ली से रवाना होने वाली ट्रेन यदि छूट जाए तो यात्री को रोडवेज या डग्गामार वाहनों की मदद से यात्रा करनी पडती है। एक दो बस ही मुजफ्फरनगर रोडवेज बस अडडे पर पहुंचती है लेकिन दिल्ली से उत्तराखंड जाने वाली रोडवेज बस मुजफ्फरनगर बस अडडे पर आकर संधावली बाईपास पर यात्रियों को उतार कर चली जाती है।वहां से रात में घर पहुंचना बडी परेशानी का काम है।
जेब हो रही ढीली
ट्रेन के मुकाबले रोडवेज बस का किराया बहुत ज्यादा है। ऊपर से संधावली बाईपास से घर पहुंचने के लिए किसी भी वाहन का सहारा जेब को ढीली कर देता है।
इन्होंने कहा
दोपहर-रात में मुजफ्फरनगर-दिल्ली मार्ग पर आने जाने वाली ट्रेन नहीं है। इस समयावधि में ट्रेन चलाना बेहद जरुरी है- घनश्याम भगत, अध्यक्ष दैनिक रेल यात्री संघ।
- रात में दिल्ली से मुजफ्फरनगर व दोपहर में दिल्ली के लिए ट्रेन न मिलने के कारण ज्यादा किराया देकर रोडवेज में यात्रा करनी पड़ रही है। रात में बाईपास पर उत्तराखंड की बस उतार देती है। इसका समाधान होना चाहिए-दीपक गुप्ता, व्यापारी।
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- जनहित से जुड़ी इस समस्या के बारे में वह रेल मंत्रालय के अधिकारियों से बात करेंगे। -कपिल देव अग्रवाल, राज्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार।
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