मुजफ्फरनगर। सात साल पहले युवती को अगवा कर गैंगरेप करने के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के न्यायाधीश गुलाब सिंह ने एक दोषी को दस साल की कारावास और 17 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। कोर्ट ने अर्थदंड की धनराशि में से आधी धनराशि पीड़िता को देने के आदेश दिए हैं।
अभियोजन पक्ष के अनुसार बाबरी थाना क्षेत्र के एक गांव में 8 सितंबर 2009 को चार युवकों ने एक युवती को अगवा कर उसके साथ गैंगरेप किया था।
पीड़िता के पिता की ओर से गांव के ही चारों आरोपियों के खिलाफ अपहरण और गैंगरेप की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। तीन आरोपियों सालार सिंह, नरेश और संजय को कोर्ट पहले सजा सुना चुकी है। चौथे आरोपी मनीष निवासी सोहजनी जाटान का मुकदमा एफटीसी प्रथम में चल रहा था।
एडीजीसी इनाम इलाही त्यागी ने कोर्ट में चार गवाह पेश किए। साक्ष्य और गवाहों की गवाही के आधार पर कोर्ट ने मनीष को दोषी पाया।
बुधवार को कोर्ट ने अपना निर्णय सुनाया, जिसमें दोषी को गैंगरेप में दस साल, अपहरण में पांच साल और जान से मारने की धमकी में दो साल की सजा तथा 17 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। आरोपी तभी से जेल में बंद है।