मुजफ्फरनगर में सुबह से ही आकाश में बादल छाए रहने और दोपहर बाद बारिश होने से मौसम में ठिठुरन बढ़ गई है। आम जनजीवन पर सीधा असर पड़ा है। मौसम की पहली बारिश को फसलों के लिए सोना बताया गया है। कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि यह बारिश सभी फसलों के लिए लाभकारी है।
मंगलवार को सुबह से ही आकाश में बादल छाए रहे। दोपहर बाद बादलों के कारण अंधियारा छा गया और लगभग तीन बजे से बूंदाबांदी शुरू हो गई। इसके बाद बारिश तेज हुई और एक घंटे तक पड़ती रही। बारिश के दौरान स्कूलों की छुट्टी हुई तो बच्चों को परेशानी का सामना करना पडा।
बारिश में बड़ी संख्या में बच्चे भीगे। बारिश के बाद से ठिठुरन बढ गई है। मौसम विभाग ने 4.0 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की। न्यूनतम तापमान 4.2 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। मौसम की पहली बारिश को सभी फसलों के लिए लाभकारी बताया जा रहा है।
उप निदेशक कृषि नरेंद्र कुमार ने बताया कि फसलों के लिए यह बारिश सोना है। दलहन और तिलहन के लिए जहां लाभकारी है, वहीं गेहूं की फसल के लिए दोहरे लाभ वाली है। बारिश में नाईट्रोजन की मात्रा भी है, इस कारण फसलों में यूरिया कम लगेगा। थोड़ी सी बारिश और हो जाए तो एक सिंचाई का काम पूरा हो जाएगा। सब्जी की फसलों के लिए भी यह लाभकारी है।
ठंड से बाजार प्रभावित
मुजफ्फरनगर। बारिश से अचानक बढ़ी ठिठुरन से आम जनजीवन प्रभावित हो गया है। ठंड के कारण मंगलवार को शाम को लोग जल्द अपने घरों को चले गए। शहर में शाम के समय चहल-पहल अन्य दिनों के मुकाबले कम रही। ठंड और शीतलहर के कारण बाजार जल्द बंद हो गए। रोडवेज और रेलवे स्टेशन पर भी ठंड का प्रभाव दिखाई दिया।
बच्चों और बूढ़ों के लिए खतरनाक
मुजफ्फरनगर। मौसम की पहली बारिश के बाद अचानक बढ़ी ठंड से बचाव की सलाह दी गई है। चिकित्सकों का कहना है कि इस ठंड से बचाव ही सबसे बड़ा उपाय है। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ सुशील राजवंशी का कहना है कि बच्चों और बूढ़ों को विशेष ध्यान रखना चाहिए। खांसी, बुखार, हार्टअटैक आदि की समस्या इस मौसम में बढ़ जाती है।
बारिश से घरों में दुबके लोग
खतौली में बारिश व शीतलहर चलने से लोग ठिठुर गए। ठंड से बचने के लिए लोग दिन ढलने से पूर्व ही अपने घरों में दुबक गए। किसानों के लिए इस साल में पहली बार हुई बारिश गेहूं की फसल के लिए लाभदायक है।
मंगलवार को बारिश होने पर शीत लहर चल गई। बारिश होने से मौसम ने करवट ली। शीतलहर से मौसम में ठंडक बढ़ गई थी। बारिश होने से जीटी रोड पर फुटपाथ पर दुकान लगाने वाले दुकानदार अपने सामानों को त्रिपाल व पन्नी से ढककर अपने घर चले गए।
दिन छिपने से पूर्व बाजारों में भी दुकानदार ग्राहकों के नहीं आने पर अपनी अपनी दुकानें बंद करके घर निकल गए। किसान राजपाल, सतीश, नफीस, आदिल, विक्रम, मूलचंद, योगेंद्र, प्रदीप आदि किसानों का कहना है कि यह बारिश गेहूं की फसल के लिए सोना बनकर बरसी है। हालांकि ऐसे मौसम में गन्ने की छिलाई किसानों को कुछ दिनों के लिए बंद करनी पड़ेगी। इस बारिश से कोल्हू भी कुछ दिनों के लिए बंद हो सकते हैं।
जानसठ में मंगलवार को साल की पहली हल्की बारिश होने के साथ हल्की हवा भी चली। सुबह के समय सूर्यदेव के दर्शन कुछ देर के लिए हुए। क्षेत्र के किसान राजेंद्र, हरेंद्र, सुखबीर, मान सिंह, बालेंद्र का कहना है कि बारिश से मौसम ठंडा हुआ है, लेकिन यह बारिश गेहूं की फसल के लिए सोना बनकर बरसी है। बारिश होने से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं।