महिमा आत्महत्या मामले में आखिर पुलिस पीड़ितों के कितनी बार बयान लेगी। दबंगों के चंगुल से भागे अक्षय के पुलिस पांच दिन में तीन बार बयान दर्ज कर चुकी है। उत्पीड़न से घबराया मृतका का भाई और मां अपने साथ हुई प्रताड़ना की दास्तां सुना-सुनाकर थक चुके हैं। बुधवार को क्राइम ब्रांच के निरीक्षक ने मृतका के भाई के बयानों को छह पन्नों में दर्ज किया।
नईमंडी कोतवाली के अंकित विहार निवासी देव प्रकाश पुत्र रामस्वरूप की बेटी महिमा विश्वकर्मा के आरोपियों की धमकी के बाद फांसी लगाने का मामला सुखियां बन चुका है। पिछले पांच दिन में पुलिस पीड़ितों के तीन बार बयान ले चुकी है। एसएसपी आफिस पर विश्वकर्मा समाज के आक्रोश के बाद कप्तान के समक्ष पेश किए गए आरोपियों के शिकंजे से भागे अक्षय के बयान एसपी सिटी और एलआईयू ने लिए थे।
मामले में गांधी कालोनी चौकी प्रभारी को विवेचक बनाया गया था। 19 फरवरी की सुबह दरोगा ने मां संजू देवी और भाई अक्षय के बयानों की वीडियो रिकार्डिंग की। जैसे ही बयान लेकर वह थाने पहुंचे तो पता लगा कि जांच क्राइम ब्रांच को दे दी गई है। उसी दिन 11 बजे एसपी क्राइम आदित्य वर्मा ने मृतका की मां संजू देवी के बयान लिए। क्राइम ब्रांच के विवेचक विपिन कुमार ने बुधवार दोपहर भाई अक्षय के कई घंटे तक लिए गए बयानों को छह पन्नों पर लिखा।
लखनऊ में मृतका के पिता देवप्रकाश से ललितपुर की माता टिल्ला डैम कंपनी के साढ़े चार लाख रुपये लूटने के बाद पीड़ित परिवार का उत्पीड़न किया गया था। जिसे कई-कई बार बताते हुए वह भी आजिज आ चुके हैं। महिमा को इंसाफ मिलेगा या नहीं, यह न्याय की बोझिल प्रक्रिया से ही तय होगा। यह साफ है कि पीड़ित के लिए बार-बार बयान देना भी किसी सजा से कम नहीं है। क्राइम ब्रांच की दिशा से जाहिर है कि जांच में निष्पक्षता बरती जाएगी। विवेचक विपिन कुमार के मुताबिक मां संजू देवी, मामा ऋषिपाल और दोस्त अरुण के बयान भी लिए जाएंगे।
कप्तान साहब, ये कैसी सुरक्षा
कप्तान साहब, पीड़ितों की ये कैसी सुरक्षा है। अंकित विहार में आरोपियों और उनके गुर्गों का महिमा के परिवार पर आतंक छाया हुआ था। जिले में आक्रोश बढऩे के बाद एसएसपी बबलू कुमार ने दो पुलिसकर्मी पीड़ितों की सुरक्षा में लगाए थे। बुधवार दिन में खाली हाथ पीआरडी के दो जवान संजू देवी के घर पर ड्यूटी करते रहे। रात में जरुर हथियार से लैस दो सिपाही तैनात रहे। मृतका के बाबा रामस्वरूप ने कहा कि खाली हाथ पीआरडी जवान हमारी क्या रक्षा करेंगे, इससे अच्छा है कि इन्हें भेजा ही न जाए।
परिवार से मिले बिजनौर के लोग
बिजनौर जिले से आए विश्वकर्मा समाज के प्रतिनिधिमंडल ने अंकित विहार में पीड़ित परिवार से वार्ता की और हर संघर्ष में सहयोग का भरोसा दिलाया। धीमान सभा बिजनौर के जिलाध्यक्ष धर्मबीर धीमान, गौरव धीमान, जयप्रकाश, डॉ विज्ञान प्रकाश और दिनेश केसरिया ने कहा कि महिमा को न्याय दिलाने और मामले की जांच सीबीआई से कराने के लिए प्रधानमंत्री, राज्यपाल को ज्ञापन भेजा जाएगा।