संवाद न्यूज एजेंसी
मोरना। पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद महाराज ने कहा कि तीन चीजों का मिलना बहुत दुर्लभ है। मानव देह, मुमुक्षा और भागवत कथा। मनुष्य देह पाकर, मुमुक्षा की इच्छा से भागवत कथा का आयोजन करना परम सौभाग्य का विषय है। भागवत में सभी समस्याओं का निदान छिपा है।
शुकतीर्थ में भागवत पीठ श्री शुकदेव आश्रम के प्रत्यक्षानंद भागवत भवन में महाराष्ट्र के कोल्हापुर के भक्तों की ओर से आयोजित भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। स्वामी ओमानंद महाराज ने पोथी पूजन के साथ व्यासपीठ पर विराजमान मथुरा से पधारे कथाव्यास जगदीश शास्त्री को पुष्पमाला पहनाई। उन्होंने कहा कि भागवत भगवान का ग्रंथ अवतार है, जिसमें मनुष्य की सभी समस्याओं का निदान छिपा हुआ है। सत्संगति में रहना, भगवद् भक्ति करना, लोक हित के लिए जीना ही जीवन का परम लक्ष्य है। कलयुग में भागवत आयोजन सर्वश्रेष्ठ यज्ञ है। भागवत मनुष्य को पुरुषार्थी और परमार्थी बनाकर प्रभु चरणों की भक्ति में लगा देती है। भागवत सभी सिद्धांतों का निष्कर्ष है। मुख्य यजमान जुगल किशोर मनिहार रहे।