मोरना क्षेत्र के गांव कटिया में आर्थिक तंगी से जूझ रहे किसान ने आत्मदाह कर लिया। किसान ने छह साल पूर्व भूमि विकास बैंक से ऋण लिया था। जो अब दोगुना हो चुका है। बृहस्पतिवार को तहसील से राजस्व कर्मचारी उसके घर आरसी लेकर पहुंचे थे। इससे आहत होकर किसान ने यह कदम उठा लिया। घटना के बाद से उसके परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
ककरौली थाना क्षेत्र के गांव कटिया निवासी मनोज (30) पुत्र शीतल के पास छह बीघा जमीन थी। परिजनों के मुताबिक उसने 26 मार्च 2010 में जानसठ स्थित भूमि विकास बैंक से 80 हजार का ऋण लिया था। लेकिन फसल अच्छी न होने के कारण परिवार आर्थिक तंगी से जूझता रहा और बैंक चुकता नहीं हो सका। बृहस्पतिवार को जानसठ तहसील के राजस्व कर्मचारी आरसी लेकर किसान के मकान पर पहुंचे थे। तहसील कर्मचारियों ने बताया था कि उनकी बैंक से आरसी जारी हो चुकी है। तहसील का 10 प्रतिशत सहित उसे अब डेढ़ लाख रुपये चुकाने होंगे।
इसके बाद से मनोज बेहद परेशान हो गया। शुक्रवार को उसने घर के अंदर ही अपने ऊपर केरोसिन छिड़का और आग लगा ली। परिजनों और आसपास के लोगों ने किसी तरह आग पर काबू पाया, लेकिन मनोज करीब 70 प्रतिशत झुलस गया। परिजन तुरंत ही उसे जानसठ, मुजफ्फरनगर और गंगदासपुर गांव में उपचार के लिए ले गए, लेकिन शनिवार शाम उसने दम तोड़ दिया। देर शाम परिजनों और ग्रामीणों ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया।
मनोज अपने पीछे पत्नी सुनीता सहित तीन बेटी खुशी (9), पलक (7) और कनक (5) को छोड़ गया है। उसके बडे़ भाई ऋषिपाल और जगपाल का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्राम प्रधान तपेंद्र सिंह, जिला पंचायत सदस्य नजर सिंह गुर्जर, जसवीर सिंह, प्रीतम सिंह, राजवीर, वेदराम, महकार, कंवरपाल, रामे मास्टर, जसवेंद्र, देवेंद्र आदि ने एसडीएम से किसान को किसान दुर्घटना बीमा का लाभ दिलाए जाने की मांग की है।
मामले की जांच कराएंगे : एसडीएम
एसडीएम उमेश मिश्रा का कहना है कि मामले की जांच कराई जाएगी। आरसी किसने और कब जारी की है, इस संबंध में संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से जानकारी ली जा रही है। पात्रता के आधार पर नियमानुसार किसान दुर्घटना बीमा सहायता राशि दिलाई जाएगी।