गंगा की धारा के लिए सीएम से मिलेंगे शुकतीर्थ के संत
मुजफ्फरनगर। पौराणिक शुकतीर्थ में गंगा की अविरल धारा के प्रवाह के लिए भागवत पीठ श्री शुकदेव आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद और अन्य संत बृहस्पतिवार को हरिद्वार में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलेंगे। धार्मिक नगरी के संत-महात्माओं की यह दशकों पुरानी मांग है।
सीएम योगी आदित्यनाथ पांच दिन की यात्रा पर उत्तराखंड में हैं। हरिद्वार में वह यूपी के नए अतिथि गृह का लोकार्पण करेंगे। महाभारत कालीन शुकतीर्थ में गंगा की अविरल धारा लाने का मुद्दा वर्षों से लंबित है। प्रतिवर्ष तीर्थ नगरी में कार्तिक पूर्णिमा सहित चार गंगा स्नान मेले लगते हैं, जिसमें पश्चिमी यूपी के हजारों श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए पहुंचते हैं। गंगा स्नान से पूर्व शुकतीर्थ की बाण गंगा में जल छोड़ा जाता है। फिलहाल गंगा सूखी हुई है, साधु-संत, अर्चक, पुरोहित और श्रद्धालु आक्रोश जता चुके हैं।
गंगा के मुद्दे पर श्री शुकदेव आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद शुकतीर्थ से हरिद्वार पहुंच गए हैं। राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल की मौजूदगी में बृहस्पतिवार को हरिद्वार में 11.30 बजे शुकतीर्थ के संतों की मुलाकात मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ से होगी।
शुकतीर्थ में गंगा के निरंतर धारा प्रवाह के लिए नमामि गंगे केंद्रीय मंत्रालय और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्रावली दी जा चुकी है। हरिद्वार में बृहस्पतिवार को सीएम ने मुलाकात का निमंत्रण भेजा है। उत्तराखंड से कैसे गंगा की धारा तीर्थ नगरी पहुंचे, इसी विषय पर संतों की बातचीत होगी। - स्वामी ओमानंद पीठाधीश्वर, भागवत पीठ श्री शुकदेव आश्रम, शुकतीर्थ
अब तक इसलिए नहीं पहुंची गंगा
तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने अपने शासन में पांच करोड़ की धनराशि गंगा धारा लाने के लिए स्वीकृत की थी, मगर उत्तराखंड के गंगा किनारे बसे गांव के ग्रामीणों के विरोध से सिंचाई विभाग कार्ययोजना प्रारंभ नहीं कर पाया था। नमामि गंगे अभियान में शुकतीर्थ में गंगा प्रवाह लाने के लिए सरकार भी सर्वे करा चुकी है। वर्ष 2019 में वीतराग स्वामी कल्याणदेव की पुण्यतिथि पर सीएम योगी शुकतीर्थ पधारे थे। धार्मिक नगरी में मुख्यमंत्री कार्य योजना के अंतर्गत नौ करोड़ के विकास कार्य पूरे हो चुके हैं।
राज्यपाल से मांगी गंगा की धारा
समाजसेवी सत्यप्रकाश रेशू ने बताया कि राज्यपाल आनंदी बेन पटेल से लखनऊ में मुलाकात कर बाणगंगा के लिए जलधारा मांगी है। उन्होंने समाधान का भरोसा दिया।