-अस्पताल में ऑपरेशन से दिया था बेटी को जन्म, अस्पताल किया सील
-भाकियू अराजनैतिक के पदाधिकारियों ने की मामले में कार्रवाई की मांग
संवाद न्यूज एजेेेंसी
मुजफ्फरनगर। नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के जैन मिलन विहार में डिलीवरी के दो दिन बाद प्रसूता पूनम (23) की तबीयत खराब हो गई। रविवार सुबह प्रसूता को एंबुलेंस से मेरठ के लिए भेज दिया, लेकिन उसकी रास्ते में ही मौत हो गई। इससे गुस्साए परिजनों ने शव अस्पताल के गेट पर रखकर तीन घंटे हंगामा किया। बाद में पुलिस ने अस्पताल को सील कर दिया।
भोपा के गांव निरगाजनी निवासी सुमित ने अपनी पत्नी पूनम (23) को डिलीवरी के लिए 28 फरवरी को जैन मिलन विहार स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। शाम को महिला ने ऑपरेशन से बेटी को जन्म दिया। आरोप है कि एक मार्च की शाम को महिला को पेट में दर्द हुआ तो परिजनों ने डाॅक्टर को बताया। इस पर डॉक्टर ने महिला को चांटे मारे और कुछ न होने की बात की। परिजनों ने महिला को हायर सेंटर रेफर करने के लिए भी कहा, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। रविवार सुबह करीब पांच बजे महिला की तबीयत बिगड़ी तो डॉक्टरों ने एंबुलेंस मंगाकर मेरठ ले जाने के लिए कहा। आरोप है कि रास्ते में ही महिला की मौत हो गई। इसके बाद परिजन शव वापस लेकर आए और अस्पताल के गेट पर रखकर हंगामा कर दिया।
उधर, सूचना मिलते ही भाकियू अराजनैतिक के पदाधिकारी अंकित जावला, समाजसेवी मनीष चौधरी भी मौके पर पहुंच गए। इसके बाद डॉक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की। सिटी मजिस्ट्रेट विकास कश्यप, नायब तहसीलदार हरेंद्र सिंह ने पहुंच कर लोगों को समझाया। इस दौरान अस्पताल का स्टाफ और मरीज वहां से चले गए। तीन घंटे धरने के बाद अस्पताल को सील कर दिया गया। इस मामले में सिटी मजिस्ट्रेट ने कहा कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। साथ ही पुलिस को कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।
आज ही केे दिन हुई थी शादी
जेठ योगेश ने बताया कि आज के ही दिन पूनम उनके घर में दुल्हन बनकर आई थी। नवजात बच्ची सही है।