देवबंद (सहारनपुर)। नगर के नालों की तली झाड़ सफाई कराए जाने के दावे हवा हवाई साबित हो रहे हैं। कई छोटे नालों में सिल्ट और गंदगी जमी हुई है। यह कारण है कि नगर के निचले इलाकों में जनता जलभराव से जूझ रही है।
देवबंद नगर में एक बड़ा नाला और सात नाले छोटे हैं। नगर का समस्त गंदा पानी काली नदी में पहुंचता है। नगरपालिका के दावे के अनुसार 20 दिन से नालों की सफाई चल रही है। अधिकारियों की माने तो नालों की 90 फीसदी सफाई हो चुकी है। लेकिन सच्चाई यह है कि अभी भी नालों में सिल्ट और गंदगी भरी पड़ी है। जो नगर पालिका के दावों की पोल खोल रही है। हलकी बरसात के दौरान जहां सड़कों पर नाले बहे वहीं गंदगी भी बाहर आ गई। जलभराव से जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
- बड़े व चौड़े नालों की सफाई मशीन से और छोटे नालों को सफाई मैनुअल कर्मचारियों से कराई गई है। नालों पर बनी पुलिया के नीचे जेटिंग प्रेशर मशीन से सफाई कराई जाएगी। नालों में गदंगी डालने वालों को चिंहित किया जाएगा। -पोपिन कुमार, सफाई एवं खाद्य निरीक्षक
- नालों की सफाई के लिए अलग से कोई बजट नहीं आता है। टैक्स आदि स्रोतों से नालों की सफाई कराई जाती है। सभी नालों को तली तक साफ करायी जा रही है। -जियाउद्दीन अंसारी, पालिकाध्यक्ष
कर्मचारियों की स्थिति
ठेका सफाईकमी 165
कर्मचारी 90
संविदा 57
कुल 312
यहां से गुजर रहे नाले
1. दारूल उलूम से उर्दू गेट, भायला रोड, नेचलगढ़, पठानपुरा बेरिया से शुगर मिल तक
2. मस्जिद रशीदिया से एचएवी इंटर कॉलेज, डॉ. मनोरमा, भुमिया खेड़ा होते हुए कुटी रोड से माता मंदिर तक
3. मोहल्ला लहसवाड़ा से ट्रक यूनियन होते हुए कुटी रोड नाले तक
4. इंदरपुर रोड से कोहला बस्ती होते हुए कुटी रोड तक
5. पठानपुरा से लहसवाडा तक
6. मेहंदी हसन के मकान से ट्रक यूनियन तक
7. भायला रोड व ठेला रोड से होते हुए सरायपीर जादगान व रेलवे ट्रक तक
8. रेलवे रोड से उत्सव पैलेस तक
- उत्तर प्रदेश जनकल्याण मंच के प्रदेशाध्यक्ष चौधरी ओमपाल सिंह का कहना है कि नालों की सफाई में औपचारिकता हो रही है। जिससे जलभराव होता है।
- पूर्व सभासद खेमकरण कश्यप का कहना है कि नगर के गंदे पानी की निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। नालों की तली तक सफाई नहीं होने से जलभराव होता है।
- उतर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के नगर प्रभारी विवेक तायल का कहना है कि नगर के रविदास मार्ग व आबकारी रोड जैसे कई इलाके हैं जहां बरसात होने पर जलभराव होता है।
- अधिवक्ता मनोज सिंघल का कहना है कि यह समय वैसे भी संक्रमण का है। ऐसा न हो कि नगरपालिका की लापरवाही सबपर भारी पड़ जाए।
खेमकरण कश्यप- फोटो : DEVBAND
अधिवक्ता मनोज सिंघल- फोटो : DEVBAND
विवेक तायल- फोटो : DEVBAND
गंदगी से अटा पड़ा नाला- फोटो : DEVBAND