डीएम से शिकायत करने पहुंचे पीड़ित।
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जिला महिला अस्पताल में स्टॉफ ने मरीज का इलाज करने के बजाए उसे धमकाकर भगा दिया। परिजनों ने चिकित्सकों की धमकी के बाद जच्चा और बच्चा का प्राइवेट अस्पताल में इलाज कराया। पीड़ितों ने इसकी शिकायत डीएम, सीएमओ से की है। साथ ही महिला अस्पताल के स्टॉफ पर इलाज के एवज में अवैध रुपये मांगने का आरोप लगाया है।
गांव बसेड़ा निवासी दिव्यांग मुकेश देवी अपनी पुत्रवधू रूपा और पंद्रह दिन की पौत्री आराध्या को नाजुक हालत में लेकर शनिवार को पीएचसी बसेड़ा में पहुंची। यहां पर तैनात एएनएम ने पीड़िता को अवैध रुपये लेने के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया। पीएचसी से एंबुलेंस रूपा, आराध्या को लेकर जिला महिला अस्पताल पहुंची। आरोप है कि अस्पताल में स्टॉफ ने जच्चा-बच्चा का इलाज करने के नाम पर अवैध रुपयों की मांग की। इंकार करने पर अभद्रता और गाली-गलौज की गई। जिला महिला अस्पताल के स्टॉफ ने मरीजों को इलाज करने के बजाए उन्हें धमका कर भगा दिया।
जिसके चलते पीड़िता ने जच्चा-बच्चा का उपचार प्राइवेट अस्पताल में कराया। चिकित्सकीय स्टॉफ की बदसलूकी के चलते पीड़िता ने इसकी शिकायत डीएम और सीएमओ से की है। पीड़ित दिव्यांग मुकेश देवी ने चिकित्सकों, एएनएम के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उधर, सीएमओ डॉ. एसके जैन ने बताया कि रविवार को अस्पताल में चिकित्सकों की छुट्टी रहती है। मरीज को परेशान किया गया है, तो इसकी शिकायत आने पर गंभीरता से जांच की जाएगी और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।