फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नीदरलैंड की टीम ने काली नदी की हकीकत जानी

Wed, 11 Apr 2018 11:11 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
विज्ञापन
काली नदी का हाल जानने पहुंची नीदरलैंड की टीम। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
हिंडन स्वच्छ परियोजना के लिए नीदरलैंड और केंद्र सरकार के बीच हुए समझौते को अमलीजामा पहनाने के लिए आई टीम ने हिंडन की सहायक काली नदी का निरीक्षण कर स्वच्छ जलधारा कायम करने के लिए जनसहयोग की अपेक्षा जताते हुए मिलकर काम करने पर जोर दिया। नीदरलैंड से आई टीम ने काली नदी की दुर्दशा पर चिंता जताई। 
विज्ञापन


बुधवार को नीदरलैंड सरकार के चीफ सेक्रेट्री अथर के नेतृत्व में एक टीम यहां पहुंची। टीम में सरकार के प्रतिनिधि, अधिकारी और एनजीओ के कार्यकर्ता शामिल थे। टीम का स्वागत नगरपालिका परिषद की चेयरमैन अंजू अग्रवाल ने किया। इस टीम ने हिंडन स्वच्छ परियोजना के लिए नीदरलैंड और केंद्र सरकार के बीच हुए समझौते के तहत किए जा रहे कार्यों के बारे में जानकारी दी। टीम ने बताया कि काली नदी को स्वच्छ बनाने की दिशा में काम शुरू कर दिया गया है।

टीम के सदस्यों ने चेयरमैन और अन्य लोगों के साथ काली नदी का भ्रमण किया। नदी के दूषित होने के कारणों के बारे में जाना। नीदरलैंड के चीफ सेक्रेट्री अथर ने बताया कि पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके देश की यात्रा पर पहुंचे थे, वहां दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच भारत में नदी प्रदूषण और पर्यावरण संरक्षण के लिए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और वाटर ट्रीटमेंट पर कार्य करने के लिए समझौता हुआ था।
विज्ञापन


इसके क्रियान्वयन के लिए ही उनको यहां भेजा गया है। वह विभिन्न एनजीओ के साथ मिलकर हिंडन स्वच्छ परियोजना पर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुजफ्फरनगर में नदी प्रदूषण पर ऐसा कार्य करके दिखाएंगे कि पूरा देश इसे एक मॉडल के रूप में अपनाएगा। उन्होंने नदियों के स्वरूप को बचाने के लिए जन जागरूकता पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि सभासद अपनी जिम्मेदारियों को समझें और पर्यावरण को बचाने का काम करें। यदि नदियां मर जाएंगी तो इस धरती पर जीवन किसी भी रूप में नहीं रह पाएगा। पूर्व चेयरमैन पंकज अग्रवाल ने इस अभियान को नया नाम देते हुए इसे निर्मल हिंडन काली स्वच्छ परियोजना बताया। टीम में शामिल नीदरलैंड पीएमओ में अधिकारी मिस मार्थेन ने कहा कि नीदरलैंड में प्लास्टिक और थर्माकोल के कूड़ा कचरा से बिजली का उत्पादन किया जा रहा है।

इसी परियोजना में समझौते के तहत हमने काशीपुर में प्लांट लगाया है। वहां 200 मेगावाट का विद्युत उत्पादन होगा। यही प्रयोग अब यहां भी किया जाएगा। टीम में चीफ सेक्रेटरी अथर, मार्थेन, एलन, अना, यूके से रंजीता आदि शामिल रहे। इस दौरान  इंजीनियर अशोक अग्रवाल, ईओ विकास सैन,  आरएस राठी, जेई एसके सिंघल, वीरेंद्र कुमार, सोनिया लूथरा, भीमसेन कंसल, सुरेश पंवार, अमित अग्रवाल, विश्व रतन, सभासद अरविंद धनगर, सरफराज आलम, मनोज वर्मा, मोहित मलिक, नरेश कुमार आदि मौजूद रहे।  
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें