संक्रमित के संपर्क में आए लोगों की सूची होगी तैयार
मुजफ्फरनगर। जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे ने कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए गाइड लाइन जारी कर दी है। पांच माह तक कोरोना संक्रमण में गिरावट के बाद अचानक बढ़े केस से सरकार से लेकर प्रशासन तक सतर्क हो गए हैं। संक्रमित के संपर्क में आए हुए लोगों की एक सूची तैयार की जाएगी। उनकी पहचान के साथ उन्हें 14 दिन के लिए क्वारंटाइन किया जाएगा। बफर जोन के मामलों की निगरानी आउटरीच मोबाइल इकाइयों अथवा फीवर क्लीनिक के माध्यम से की जाएगी।
कोरोना से बचाव के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार ने जिला प्रशासन को कुछ आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। इन्हें लेकर डीएम सेल्वा कुमारी जे ने गाइड लाइन जारी कर दी है। टेस्ट की संख्या बढ़ाने और कोविड-19 के प्रोटोकोल को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। एक अप्रैल से 30 अप्रैल तक दिशा-निर्देश लागू रहेंगे। जिलाधिकारी ने कहा कि कोविड-19 के जो परीक्षण किए जा रहे हैं, वे समान रूप से किए जाएं। परीक्षण के परिणामस्वरूप पाए गए नए संक्रमितों को तत्काल क्वारंटाइन किया जाएगा। संक्रमितों की संपर्क में आने वाले व्यक्तियों का पता लगाकर उन्हें भी क्वारंटाइन किया जाएगा। संवेदनशील एवं ज्यादा घटना वाले क्षेत्रों में कंटेनमेंट जोन का प्रभावी सीमांकन, वायरस को फैलने से रोकने एवं उसको नियंत्रित करने का प्रभावी उपाय है
सर्विलांस टीमों से घर-घर होगी निगरानी
कोरोना संक्रमितों के संपर्क में आए हुए लोगों की एक सूची तैयार की जाएगी और उनकी पहचान के साथ उन्हें 14 दिन के लिए क्वारंटाइन किया जाएगा। स्थानीय स्तर पर जिला प्रशासन, पुलिस और नगरपालिका के अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी कि वह यह सुनिश्चित करें कि निर्धारित कटेंनमेंट मानकों का कड़ाई से पालन किया जाय। स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर जांच करेगी।
ये करने होंगे उपाय
कोविड-19 से बचाव के लिए मास्क पहनने, हाथों की स्वच्छता एवं सामाजिक दूरी के मानकों का सख्ती से पालन कराया जाएगा। यात्रा के दौरान नियमों का पालन करना होगा। यात्री ट्रेनों से आवागमन, स्कूल, उच्च शैक्षणिक संस्थाएं, होटल एवं रेस्टोरेंट, शॉपिंग माल, मल्टीप्लेक्स, मनोरंजन पार्क, योगा केंद्र एवं जिम, प्रदर्शनी, सभा एवं समागम आदि स्थानों पर प्रोटोकॉल का पालन अनिवार्य होगा। टीकाकरण की गति बढ़ेगी।
बच्चे, बुजुर्ग बरतेंगे सावधानी
65 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति, एक से अधिक बीमारी से ग्रस्त लोग, गर्भवती महिलाएं और दस वर्ष की आयु से नीचे के बच्चों को आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। आरोग्य सेतु एप को मोबाइल फोन में प्रयोग में लाया जाएगा।
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