मुजफ्फरनगर। निर्माणाधीन पानीपत-खटीमा हाईवे पर कांवड़ियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के कांवड़ियों के गुजरने के लिए यही मुख्य मार्ग है। शामली से मुजफ्फरनगर के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) 42.87 किलोमीटर के हाईवे का निर्माण करा रहा है। निर्माण कार्यों के चलते हाईवे पथरीला हो गया है। ऐसे में पैदल कांवड़ियों को गुजरने में इस बार कड़ी मशक्कत करनी पड़ेगी। जगह-जगह निर्माण सामग्री पड़ी है और हाईवे पर धूल के गुबार उड़ते दिखते हैं। ऐसे में कांवडिय़ों के लिए इस बार यात्रा किसी अग्नि परीक्षा से कम नहीं होगी। यात्रा के अंतिम सप्ताह में जिस तरह डाक कांवड़िए फर्राटा भरते हैं, ऐसे में हादसों का खतरा रहेगा। दुपहिया वाहनों के अधिक फिसलने का खतरा है।
रात में गुजरना खतरे से खाली नहीं
निर्माणाधीन हाईवे पर रात में गुजरना खतरे से खाली नहीं है। आबादी क्षेत्र के छोड़ दें तो हाईवे पर रोशनी का भी कोई इंतजाम नहीं है। ऐसे में रात में कांवड़ियों का गुजरना खतरे से खाली नहीं रहेगा।
यहां कई जगह वनवे है हाईवे
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने निर्माण के चलते हाईवे को कई जगह वनवे किया है। तितावी में हिंडन नदी पर वाहनों को फिलहाल पाइप डालकर नदी के ऊपर बनाई अस्थायी सड़क से निकाला जा रहा है। सड़क तंग है और पुल के नीचे से गुजर रही है। यहां भी हादसों का खतरा रहेगा। धौलरा में भी हाईवे को वनवे किया गया है। कांवड़ यात्रा के शुरूआत में कांवड़िए भी गुजरते हैं और वाहन भी, ऐसे में यहां मुश्किलें खड़ी होने का अंदेशा है।
इस तरह हाईवे पर पहुंचते हैं कांवड़िए
मुजफ्फरनगर शहर से कांवड़िए पानीपत-खटीमा हाईवे पर पहुंचते हैं। पुरा महादेव जाने वाले और हरियाणा के सोनीपत, झज्जर और रोहतक क्षेत्र के अधिकतर कांवड़िए बुढ़ाना मोड़ से बड़ौत मार्ग से रवाना होता है। जबकि शामली, हरियाणा के पानीपत, करनाल, राजस्थान के कांवड़िए पानीपत-खटीमा हाईवे पर शामली रोड पर आगे बढ़ जाता है। यही मार्ग निर्माणाधीन है।
निर्माण पूरा होने में लगेगा का वक्त
शामली-मुजफ्फरनगर के बीच 42.87 किमी के दूसरे चरण की लागत 927 करोड़ रुपये रखी गई है। निर्माण कार्य को पूरा करने का लक्ष्य 22 अक्तूबर 2022 रखा गया था। मगर, निर्माण पूरा होने की संभावना कम नजर आ रही है।
तीन दिन में व्यवस्थाएं होंगी दुुरुस्त
पानीपत-खटीमा मार्ग का निर्माण कर रही कंपनी जीआर इंफ्रा के टीम लीडर पंकज कुमार का कहना है कि कांवड़ियों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी। तीन दिन में व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जाएगा।