मुजफ्फरनगर/खतौली/मंसूरपुर। किसानों की समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन ने बुधवार को जिलेभर में दो घंटे के लिए हाईवे जाम रखा। किसानों ने धरने पर भूमि अधिग्रहण बिल, बिजली, फसलों का सही मूल्य और बीमा, मुआवजा आदि समस्याओं को दूर करने की मांग की।
राज्य और केंद्र सरकार पर किसानों की अनदेखी और मिल मालिकों से मिलीभगत का आरोप लगाया। इस के पश्चात प्रधानमंत्री के नाम अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान जाम से आम जनजीवन प्रभावित रहा। सुबह ग्यारह बजे से दो बजे तक जाम लगाया गया।
भाकियू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के आह्वान पर किसानों की समस्याओं के निदान के लिए बुधवार को दिल्ली-देहरादून हाईवे पर आधा दर्जन से अधिक जगहों पर जाम लगाया गया। भाकियू कार्यकर्ताओं ने ट्रैक्टर-ट्रॉली आड़ी-तिरछी खड़ी कर हाईवे को पूर्णतया बंद कर दिया और धरने पर बैठ गए।
मंसूरपुर में पश्चिमी यूपी अध्यक्ष चंद्रपाल फौजी ने कहा कि प्रदेश और केंद्र सरकार मिल मालिकों से मिलीभगत कर किसानों का उत्पीड़न कर रही है। किसान अब आरपार की लड़ाई लडे़ंगे। जिलाध्यक्ष राजू अहलावत के नेतृत्व में कार्यकर्ता और किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में सवार होकर हाईवे पर नावला कोठी के सामने पहुंचे। मार्ग अवरुद्ध कर किसान धरने पर बैठ गए।
राजू अहलावत ने शासन और प्रशासन को चेताया कि आगामी 15 अक्तूबर तक जिस शुगर मिल ने ब्याज सहित भुगतान नहीं किया, तो उनके शीरे के टैंकरों और चीनी गोदामों को आग के हवाले कर दिया जाएगा। भाकियू ने एसडीएम डॉ वैभव कुमार शर्मा और सीओ को अपनी मांगों के समर्थन में प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। चक्का जाम करीब दो घंटे तक रहा।
धरने की अध्यक्षता सुखलाल सिंह और संचालन आशु नंगली ने किया। धरने पर राजबीर सिंह गुर्जर, अशोक, राजेंद्र सिंह, राजकुमार भाटी, हरबीर सिंह, नरेंद्र, जयसिंह, अजीत सिंह, ओमप्रकाश शर्मा, अजीत सिंह, परवेंद्र ढाका, पवन प्रधान, धर्मेन्द्र कितास आदि उपस्थित रहे।
भाकियू कार्यकर्ताओं ने पूरे जिले में भौराकलां, पुरकाजी में बाईपास और फलौदा के पास, छपार के बढ़ेडी चौराहे, रोहाना और वहलना चौक पर भी जाम लगाया।