रेडियो प्रेमी रागनी सिंगर बीर सिंह शर्मा रेडियो कार्यक्रम को ध्यान से सुनते हुए।
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रेडियो के शौक ने बीर सिंह को बनाया रेडियो कलाकार
भोपा (मुजफ्फरनगर)। थाना ककरौली क्षेत्र के गांव जड़वड़ निवासी बीर सिंह शर्मा बताते हैं कि उनके ताऊ फूल सिंह शर्मा स्वांग (देहाती कार्यक्रम) खेला करते थे। वो स्वांग के बहुत बड़े कलाकार थे। ताऊ की कलाकारी को देखते हुए उन्हें 15 साल की उम्र में रेडियो से देहाती रागनी सुनने का शौक चढ़ गया।
बीर सिंह शर्मा ने यह भी बताया कि उनके पास दो बहुत पुरानी रेडियो है। रेडियो खराब होने पर जल्द ठीक की जा सके इसके लिए उसने अपने छोटे भाई रमेश को रेडियो मैकेनिक बना दिया। रेडियो का ऐसा रंग चढ़ा कि देखते देखते वह रेडियो सिंगर बन गए। जिसके चलते उनके द्वारा गाई गई रागनियों का प्रसिद्ध रेडियो स्टेशन नजीबाबाद से कृषि जगत कार्यक्रम में वह दिल्ली रेडियो स्टेशन के ग्राम संसार कार्यक्रम में सीधा प्रसारण होता है।
लगभग 45 वर्षों से दोनों कार्यक्रमों को निरंतर सुनते आ रहे हैं और इन कार्यक्रम के निर्धारित समय से पहले अपना काम निपटा कर रेडियो लेकर बैठ जाते हैं। इतना ही नहीं रेडियो का इतना शौक चढ़ा है कि आज भी अगर कहीं रिश्तेदारी में जाते हैं तो उनके पास दो रेडियो है। एक बड़ी तो एक छोटी, छोटी रेडियो को वो अपने साथ लेकर जाते हैं। बीर सिंह के रेडियो से अटूट प्यार की उनके रिश्तेदार व ग्रामीण भी खूब चर्चा करते हैं। रेडियो से बने रेडियो सिंगर बीर सिंह एक प्रसिद्ध रागनी कलाकारों में गिने जाते हैं।