अंकित के नाम से बनेगा द्वार, रास्ते का नाम भी होगा
बुढ़ाना (मुजफ्फरनगर)। दिल्ली की हिंसा में आईबी के सुरक्षा सहायक अंकित शर्मा की हत्या से परिवार शोक में डूबा है। श्रद्धांजलि व शोक सभा में ग्रामीणों ने अंकित शर्मा को शहीद का दर्जा देने की मांग उठाई। इस घटना को परिवार की अपूर्णीय क्षति बताया। शोक सभा में दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति की कामना भी की गई।
दिल्ली हिंसा में मारे गए दिल्ली इंटेलिजेंस ब्यूरो में सुरक्षा सहायक के रूप में तैनात कोतवाली क्षेत्र के गांव इटावा निवासी अंकित शर्मा की बुधवार को रस्म तेरहवीं के दौरान श्रद्धांजलि एवं शोक सभा की गई। शोक सभा में अंकित शर्मा की हत्या पर शोक व्यक्त किया। ग्रामीणों ने इस घटना को कभी नहीं भुलाया जा सकता। वक्ताओं ने अंकित को शहीद का दर्जा देने की मांग उठाई। पूर्व मंत्री योगराज सिंह ने कहा कि वह एक प्रतिनिधि मंडल के साथ इस मामले में प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं देश के गृह मंत्री से भी मिलेंगे। विधायक उमेश मलिक ने कहा कि उसके नाम से गांव के बाहर मुख्य द्वार बनवाया जाएगा। हाईवे से लेकर गांव तक तीन किमी लंबे मार्ग का नाम अंकित शर्मा मार्ग के नाम से कराया जाएगा।
मौके पर केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान, भाजपा जिलाध्यक्ष विजय शुक्ला सहित कई समाज सेवी संस्थाओं द्वारा भेजे गए शोक संदेश को भी पढ़कर सुनाया गया। इस मौके पर पूर्व प्रधान महक सिंह, उपजिलाधिकारी कुमार भूपेंद्र, सुबोध शर्मा, देवी सिंह, अरविंद, सुरेंद्र देव शर्मा, संघ नेता जुगल किशोर व रास बिहारी, बजरंगदल के सोहन सिंह, राजकिशोर, ठाकुर रामनाथ सिंह आदि ने भी शोक सभा में विचार व्यक्त किये। शोक सभा के बाद दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति की कामना की गई।