जनपद के कुल 19 परीक्षा केंद्रों पर बृहस्पतिवार को सांध्य कालीन पाली (तीन से पांच बजे तक) हुई पुलिस भर्ती परीक्षा में 1,974 परीक्षार्थी गैरहाजिर रहे। परीक्षा में कुल 10,896 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। जिनमें अधिकांश संख्या सहारनपुर, शामली, मेरठ और नोएडा के अभ्यर्थियों की थीं। इनमें से 8,922 परीक्षार्थी ही परीक्षा में शामिल हुए।
जनपद में पुलिस भर्ती परीक्षा के लिए इस बार प्रशासन द्वारा प्राइवेट कॉलेजों को चुना। लिखित परीक्षा के के लिए 19 केंद्र बनाए गए। सरकारी कर्मचारियों की संभावित हड़ताल के मद्देनजर किसी भी तरह की परेशानी से बचने के लिए अफसरों ने इस बार प्राईवेट कॉलेेजों का विकल्प चुना था। सभी कॉलेजों में बृहस्पतिवार को दोपहर तीन बजे से शाम पांच बजे तक परीक्षा का आयोजन किया गया। परीक्षा आयोजन के तहत कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रखते हुए जहां एक ओर डीएम राजीव शर्मा द्वारा सेक्टर वाइज मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई थी।
वहीं शासन स्तर से भी जनपद में दो आईपीएस अफसरों को बतौर पूरी परीक्षा की मानीटरिंग के लिए तैनात किया गया। इनमें जिले के पूर्व कप्तान रहे आईपीएस हरि नारायण सिंह के साथ ही भर्ती बोर्ड से अनिल कुमार मिश्रा भी शामिल थे। दोनों अफसर अभी दो दिन तक और जनपद में ही रहकर परीक्षा की मानीटरिंग करेंगे। इसके साथ ही शहर की तीनों थाना प्रभारियों के साथ ही तेजतर्रार दरोगाओं को भी परीक्षा केंद्रों पर तैनात किया गया था।
वहीं, महिला थाना प्रभारी भी परीक्षाओं में शामिल होने वाली महिला अभ्यार्थियों की देखरेख के लिए मोर्चा संभाले रहीं। परीक्षा के नोडल अधिकारी एसपी ट्रैफिक बीबी चौरसिया ने बताया कि सभी परीक्षा केंद्रों को सीसीटीवी कैमरों से लैस किया गया है। जिसके तहत हर परीक्षा केंद्र के एंट्री गेट के साथ ही हर परीक्षा कक्ष में भी सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। वहीं, परीक्षार्थियों की बायोमैट्रिक जांच भी कराई गई है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को परीक्षा दो पालियों में सुबह दस से बारह बजे और दोपहर तीन बजे से पांच बजे तक होगी। जिसके लिए पर्याप्त व्यवस्था कर ली गईं हैं।
हिंदी के प्रश्नों से मुस्कराए, गणित देख चकराए
मुजफ्फरनगर। पुलिस भर्ती परीक्षा के दौरान परीक्षार्थियों से दो घंटे के निश्चित समय में परीक्षा में हिंदी, गणित, रीजनिंग व जीके के साथ ही करंट अफेयर्स से जुड़े प्रश्न भी हल करने के लिए दिए गए थे। शाम पांच बजे परीक्षा देकर केंद्र से बाहर निकले अधिकांश परीक्षार्थियों का कहना था कि प्रश्नपत्र ठीकठाक था। मेरठ से आए गौरव, अंकित व महिला अभ्यर्थी अंकिता व ज्योति ने बताया कि हिंदी व अन्य विषयों के प्रश्न अमूमन सरल थे, लेकिन गणित के 38 सवालों ने उन्हें चकराकर रख दिया।
गणित के जो भी प्रश्न आए, वे काफी टफ थे, जिन्हें सुलझाने में अधिकांश परीक्षार्थियों को पसीने छूट गए। वहीं, इससे पहले भी परीक्षा दे चुके कुछ परीक्षार्थियों शामली के राज और सहारनपुर के अमित का कहना था कि इस बार पहले की अपेक्षा काफी कठिन प्रश्नपत्र आया, जो सूबे में भाजपा की सरकार होने के चलते पहले से ही अनुमानित था। इसके बावजूद परीक्षार्थी परीक्षा की व्यवस्थाओं को लेकर काफी संतुष्ट नजर आए।
बैग व मोबाइल रखने को करनी पड़ी जद्दोजहद
मुजफ्फरनगर। पुलिस भर्ती परीक्षा देने गैर जनपदों से शहर में पहुंचे परीक्षार्थियों को साथ लाए गए अपने बैग व मोबाइल रखने को कड़ी जद्दोजहद करनी पड़ी। कुछ परीक्षार्थियों ने स्कूल प्रबंधन से अपने बैग व मोबाइल परीक्षा केंद्र में ही गेट पर रखने देने का अनुरोध किया, लेकिन कड़ी सुरक्षा व्यवस्था होने के साथ ही हर हरकत पर नजर रखने के लिए लगाए गए सीसीटीवी कैमरों के चलते उन्हें इसकी इजाजत नहीं मिली। नतीजतन अधिकांश परीक्षार्थियों ने इसके लिए परीक्षा केंद्र के आसपास की दुकानों को चुना, जिसके लिए उन्हें थोड़ी-बहुत जेब भी ढीली करनी पड़ी।
परीक्षा के बाद बस स्टैंड व स्टेशन पर रही भीड़
मुजफ्फरनगर। परीक्षा खत्म होने के बाद शहर के बस स्टैंड व रेलवे स्टेशन पर घर लौटने वाले परीक्षार्थियों की भारी भीड़ रही। शामली बस स्टैंड, रोडवेज स्टैंड व रेलवे स्टेशन पर परीक्षा के बाद परीक्षार्थियों की भारी भीड़ होने से रोडवेज निजी बस संचालकों के भी चेहरे खिले रहे। इस दौरान परीक्षार्थियों को जाम की भी समस्या से जूझना पड़ा।