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दिल्ली में बवाल होने पर रात में ही लौट आए किसान

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दिल्ली में बवाल होने पर रात में ही लौट आए किसान
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मुजफ्फरनगर। राष्ट्रीय पर्व गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में हुए बवाल और हिंसा के बाद जिले के किसान और भाकियू कार्यकर्ता मंगलवार रात को ही लौट आए। अब दिल्ली में मुकदमे दर्ज होने पर कुछ लोग अपने को बचाने में लगे हैं। दिल्ली से लौटे अधिकांश ने तो अपने को भूमिगत ही कर लिया है।
खतौली से भी काफी किसान दिल्ली की ट्रैक्टर रैली में शामिल होने गए थे। वहां पर हिंसा होने पर वे रात में ही घर लौट आए। अब ये किसान और भाकियू कार्यकर्ता कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। कुछ भाकियू कार्यकर्ताओं का तो यहां तक कहना है कि वह 25 जनवरी की रात ही लौट आए थे। कुछ ने कहा कि वे पुलिस के रोके जाने पर शाम को ही वापस आ गए थे।
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पुरकाजी के लोकदल प्रदेश सचिव धर्मेंद्र राठी का कहना है कि जो भी दिल्ली में हुआ सब पुलिस की लापरवाही से हुआ। पुलिस ने किसान आंदोलन को बदनाम करने के लिए पहले तो किसानों को ढील दी और बाद में उन्हीं पर लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़े। उन्होंने लाल किले पर झंडा फहराने की निंदा की। कहा कि लाल किले पर झंडा फहराना पुलिस की घोर लापरवाही है। भाकियू के मंडल महासचिव नवीन राठी ने कहा कि लाल किले पर दूसरा झंडा फहराने वाले के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। मंसूरपुर में गाजीपुर बॉर्डर से लौटे भारतीय किसान यूनियन के जिला महासचिव अहसान त्यागी ने बताया कि वह अपने साथियों के साथ कार द्वारा गाजीपुर बॉर्डर गए थे। गाजीपुर बॉर्डर पर कुछ रास्ते ट्रैक्टर रैली के लिए खुले हुए थे। कुछ रास्तों पर पुलिस ने बैरिकेडिंग की हुई थी।
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