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चरथावल में तहसील और मेडिकल कॉलेज का सपना रह गया अधूरा

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चरथावल में मेडिकल कॉलेज बनवाने का सपना रह गया अधूरा
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चरथावल (मुजफ्फरनगर)। प्रदेश के राजस्व एवं बाढ़ नियंत्रण राज्यमंत्री विजय कश्यप के निधन से चरथावल में मेडिकल कॉलेज बनाने और चरथावल को तहसील का दर्जा दिलवाने का उनका सपना अधूरा रह गया। भाजपा विधायक बनने के बाद इस क्षेत्र में नूनाखेड़ा में हिंडन नदी पर पुल निर्माण, बधाई कलां में आईटीआई और 220 केवी के बिजलीघर निर्माण के लिए बजट पारित कराया था। पार्टी कार्यकर्ताओं का कहना है कि विजय कश्यप के निधन से हर कोई हताश और निराश है। उनका जाना क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है। आमजन को बहुप्रतीक्षित विकास की महत्वाकांक्षी योजनाएं अधर में रहने का भी मलाल है।
दूधली निवासी बिरालसी मंडल अध्यक्ष विकास आर्य कहते हैं कि उनसे पहले दो योजनाओं में चरथावल विकास को तरसता रहा। वर्ष 2017 में विजय कश्यप विधायक बने और अगस्त 2019 को उनकी ताजपोशी मंत्री पद पर हुई थी। नदी पार इलाके में बेटियों के लिए राजकीय डिग्री कॉलेज बनाने को फिक्रमंद थे। यह सपना उनके साथ अलविदा हो गया।
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चरथावल मंडल अध्यक्ष मनीष गर्ग बताते हैं कि विजय कश्यप आम आदमी के लिए हमेशा सुलभ रहते थे। उनके मंत्री बनने से सरकार और आम आदमी के बीच की दूरी कम हो गई थी। चरथावल में मेडिकल कॉलेज बनाने की इच्छा थी, लेकिन जमीन नहीं मिलने से योजना परवान नहीं चढ़ पाई थी।
चरथावल के पूर्व मंडल अध्यक्ष और नामित सभासद मिथुन त्यागी मंत्री के सरल व्यवहार के कायल थे। बकौल उनके चरथावल में तहसील बनाने के लिए उन्होंने सीएम योगी से वार्ता की थी। उनकी निगाह में क्षेत्र का विकास और कार्यकर्ताओं का सम्मान सर्वोपरि था। इसके लिए वह प्रयास करते थे।
पीपलशाह निवासी दुष्यंत पुंडीर मंत्री के निजी तौर पर पीए का कार्य देखते थे। कहते हैं कि बघरा ब्लॉक में नूनाखेड़ा में हिंडन पर 15 करोड़ की लागत से पुल का निर्माण मंजूर कराया, जिससे दर्जन भर गांवों के लोगों को फायदा होगा। जरूरतमंद लोगों की समस्या हल कराने के लिए वह संवेदनशील रहते थे।
केमिस्ट सुशील कश्यप भावुक मन से बोले मंत्री ने सीएचसी में डिजिटल एक्सरे मशीन और डेंटल की सुविधाएं मुहैया कराई। जब वह क्षेत्र में आते, तो चरथावल उनकी दुकान पर रुके बिना नहीं निकलते थे। उनका निधन पारिवारिक क्षति है।
बधाई कलां निवासी पिंकी मलिक कहते हैं कि गांव में आईटीआई की स्थापना और जिले में सबसे बड़े बिजलीघर की स्थापना उन्हीें की देन रही। वह क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज और राजकीय पॉलिटेक्निक की स्थापना कराना चाहते थे।
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घिस्सुखेड़ा निवासी किसान योगेश त्यागी के मंत्री के परिवार से करीबी संबंध थे। कहते हैं कि किशोरावस्था में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पाठशाला में राष्ट्रीय संस्कृति और संस्कार भरे थे। मंत्री की सादगी को लोग हमेशा याद करेंगे। मुजफ्फरनगर-थानाभवन मार्ग के चौड़ीकरण के लिए उनका प्रस्ताव शासन में लंबित है। सीएम को उनकी स्मृति में यह मार्ग बनाने का प्रस्ताव मंजूर कर देना चाहिए।
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