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फांसी के फंदे पर लटका मिला ग्रामीण का शव

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मंसूरपुर के गांव दुधाहेड़ी के गांव में आत्महत्या करने वाले किसान महक सिंह के घर पर परिवार की शोका - फोटो : KHATAULI
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फांसी के फंदे पर लटका मिला ग्रामीण का शव
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मंसूरपुर (मुजफ्फरनगर)। गांव दूधाहेड़ी में ग्रामीण का शव खेत में आम के एक पेड़ से चादर से बनाए गए फांसी के फंदे पर लटका मिला। कुर्ते की जेब से एक डायरी मिली, जिसमें कुछ ग्रामीणों के नाम व उन पर बकाया रकम लिखी हुई है। लोगों द्वारा रकम न लौटाने व पारिवारिक उपेक्षा की बात भी डायरी में लिखी गई है।
मंसूरपुर थाना क्षेत्र के गांव दूधाहेड़ी निवासी महक सिंह (56 ) पुत्र अजित सिंह बेगराजपुर औद्योगिक क्षेत्र में एक फैक्टरी में गार्ड की नौकरी करता था। करीब डेढ़ महीने से वह ड्यूटी पर नहीं जा रहा था। महक सिंह ग्रामीणों को थोड़ी-थोड़ी रकम उधार देता था, जिससे होने वाली आय से उसका खर्च चलता था। उसके परिवार में केवल पत्नी है। लोगों का कहना है कि पत्नी से उसकी अनबन रहती थी। मंगलवार सुबह करीब आठ बजे जगत सिंह के खेत में स्थित आम के पेड़ से महक सिंह का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला। गले में उसी की चादर का फंदा कसा हुआ था। सूचना पर एसओ मनोज चाहल मौके पर पहुंचे और शव को फंदे से उतारवाया।
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एसओ ने बताया कि महक सिंह के कुर्ते की जेब से एक डायरी मिली, जिसमें उसने उन लोगों के नाम लिखे, जिन्हें उसने रकम उधार दी हुई थी। इसके साथ ही उस फैक्टरी मालिक का नाम व मोबाइल नंबर भी लिखा था, जहां वह गार्ड की नौकरी करता था। एसओ के अनुसार, डायरी में महक सिंह ने बकाएदारों द्वारा रकम न लौटाने के साथ ही पारिवारिक उपेक्षा के चलते आत्महत्या की बात लिखी है। वहीं, बकायेदारों द्वारा रकम लौटाए जाने पर उनके खिलाफ कार्रवाई न किए जाने की भी बात कही गई है। सीओ खतौली आशीष प्रताप सिंह ने भी मौके पर पहुंचकर घटनास्थल व डायरी की पड़ताल की। महक सिंह के भाई हरेंद्र ने तहरीर देकर भाई के आर्थिक तंगी में होने का दावा किया है।
परिवार की उपेक्षा
एसओ मनोज चाहल का कहना है कि ग्रामीण ने डायरी में पारिवारिक उपेक्षा की बात लिखी है। इसके चलते मानसिक तनाव में होने के कारण आत्महत्या करने की आशंका है। सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है।
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एसडीएम खतौली इंद्राकांत द्विवेदी का कहना है कि कोविड-19 के चलते इस वर्ष किसी को भी किसी तरह का नोटिस या आरसी जारी नहीं किया गया है। ग्रामीण के आर्थिक तंगी से जूझने की बात जांच में प्रथम दृष्टया गलत पाई गई है। वह खुद अन्य लोगों को रुपये उधार देता था।
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