निरगाजनी पनचक्की रजबहे पुल के दोनों और दीवार बनाते मजदूर। संवाद
भोपा। ब्रिटिशकालीन निरगाजनी पनचक्की रजबहे पुल के नीचे की ओर से (गोलाई वाली डाट की) ईंट निकलने व ईंट खिसकने से पुल के गिरने का खतरा बढ़ा है। बारिश के चलते और बड़े खतरे को देखते हुए वाहनों की आवाजाही रोकने को लोक निर्माण विभाग ने पुल के दोनों ओर दीवार बनवाई है।
क्षेत्र के गांव निरगाजनी गंगनहर के निकट पनचक्की वाले रजबहे का पुल भी गंगनहर पुलों की तरह ब्रिटिशकालीन है। इस रजबहे के पानी से ही पनचक्की चलती है। यह पुल बरला, बसेड़ा-भोकरहेड़ी मार्ग का महत्वपूर्ण पुल है। वैसे तो पुल की हालत काफी समय से जर्जर है। पुल पर भारी भरकम व ओवरलोड वाहनों की भी आवाजाही रहती है। बारिश के चलते नीचे की और से पुल की ईंटें निकलने और खिसकने लगी हैं।
कोई हादसा ना हो लोक निर्माण विभाग ने पुल के दोनों ओर दीवार बनाकर समस्त वाहनों की आवाजाही को पूर्ण से बंद कर दिया हैं। क्षेत्र के किसानों के सामने खेतीबाड़ी के कार्य व चारे के लिए खेत में आने-जाने की समस्या भी पैदा हो गई है। लोक निर्माण विभाग के जेई विपिन कुमार का कहना है कि पुल सिंचाई विभाग में है और पुल पर बना मार्ग पीडब्ल्यूडी में आता है। कोई हादसा ना हो इसी के चलते पीडब्ल्यूडी ने वाहनों की आवाजाही रोकने को दीवार बनवाई है।
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