भोपा। चौधरी चरण सिंह गंगनहर पटरी कांवड़ मार्ग पर राजस्थान व हरियाणा के कांवड़ियाें की संख्या बढ़ रही है। कांवड़ मार्ग हरियाणवी व राजस्थानी भाषा में बोले जाने वाले भोले के जयकारों, गीतों से कांवड़ मार्ग गूंजने लगा है।
गंग नहर पटरी कांवड़ मार्ग से आजकल राजस्थानी व हरियाणवी कांवड़ियां अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं। बुधवार को सुबह से शाम तक कांवड़ियों का आना-जाना लगा रहा। दोनों प्रदेशों के कांवड़िये जहां अपनी-अपनी सुरीली भाषा में पार्वती-शंकर के मल्हार जैसे गीत गा रहे हैं। वहीं बम-बम भोले के जय घोष लगाते हुए अपने गणतव्य की ओर बढ़ रहे हैं।
राजस्थान के रेवाड़ी, खरखड़ी क्षेत्र निवासी कांवड़िया नवीन, सचिन, सुभाष, राजस्थान के बाबूराम आदि का कहना है कि बारिश होने से जहां गर्मी से राहत मिली है। वहीं मार्ग भी सुगम हुआ है।
दो दिन से गंग नहर पटरी कांवड़ मार्ग पर कांवड़ियों की संख्या बढ़ रही है। इसके चलते बुधवार से सेवकों ने कांवड़ शिविर लगाने शुरू कर दिये हैं। कुछ स्थानों पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। बृहस्पतिवार को क्षेत्र में कई शिविरों का शुभारंभ हो जाएगा।