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कोरोना से मृतकों का अंतिम संस्कार नहीं करा रही निकाय

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मुजफ्फरनगर। कोरोना संक्रमण से मृतकों का नि:शुल्क अंतिम संस्कार का सीएम योगी का आदेश जिले में बेमानी हो गया है। किसी अफसर ने इस आदेश को जानने और पढ़ने की हिमाकत ही नहीं की। डीएम और ईओ ने इस आदेश की बिना पढे़ व्याख्या कर डाली।
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सीएम योगी ने एक सप्ताह पूर्व घोषणा की थी कि कोरोना से जो लोग मर रहे हैं उनका कोरोना प्रोटोकॉल के अंतर्गत सरकारी खर्च पर स्थानीय निकाय अंतिम संस्कार कराएंगी। अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार ने इस संबंध में सात मई को आदेश जारी कर दिए थे। जिसमें साफ लिखा है कि कोविड-19 के संक्रमण के कारण हुई मृत्यु की दशा में नगरीय निकायों की सीमांतर्गत उपरोक्त शवों का अंतिम संस्कार नि:शुल्क कराया जाए। इस आदेश का अनुपालन तो क्या जिले के किसी अफसर ने इसे पढ़ना और जानना गवारा नहीं समझा।
डीएम सेल्वा कुमारी जे ने बताया कि शासन का आदेश तो बेसहारा और अनाथ लोगों के लिए था। इसके बाद उन्हें आदेश की कॉपी दी गई, जिसमें सभी कोरोना संक्रमितों के लिए आदेश है। अब वह आदेश के पालन की बात कर रही हैं। यही हाल ईओ हेमराज का रहा। उन्होंने बताया कि हमारे पास कोई आदेश नहीं आया है। जब उन्हें आदेश की कॉपी दी गई तो उन्होंने कहा कि कोरोना से हुई मृत्यु की सूचना पीड़ित परिवार अथवा सक्षम अधिकारी तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा पालिका को दी जाएगी, तो पालिका द्वारा शासनादेश के अनुपालन में मदद की जाएगी।
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प्रशासन ने नहीं उठाया कदम
नई मंडी श्मशान घाट समिति के अध्यक्ष संजय मित्तल और काली नदी घाट श्मशान समिति के अध्यक्ष अजय अग्रवाल का कहना है कि मुख्यमंत्री ने आदेश कराए हैं, लेकिन हमारे यहां अभी तक कोई पालन नहीं हुआ है। अभी तक परिजनों के खर्च पर ही अंतिम संस्कार हो रहा है। आदेश के बारे में हमें तो जानकारी है, अफसरों को नहीं है।
शासनादेश का पालन कराया जाएगा : कपिल
प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री कपिलदेव अग्रवाल ने कहा कि संकट के इस समय में मुख्यमंत्री ने एक बड़ा निर्णय लिया है। शासन के इस आदेश का जिले की निकायों में पालन कराया जाएगा। इस संबंध में वह अधिकारियों से बात करेंगे।
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