मुजफ्फरनगर। अदालत ने फर्जी कागजात तैयार कर लग्जरी कार बेचने के मामले दो आरोपियों की जमानत अर्जी निरस्त कर दी।
मंसूरपुर पुलिस ने 5 अक्टूबर आरटीओ मेरठ में तैनात लिपिक दीपक के साथ फर्जी कागजात तैयार कर महंगी और लग्जरी कारों को बेचने की बड़ी वारदात का खुलासा किया था। मौके से गिरफ्तार तीन आरोपियों सहित छह के खिलाफ मुकदमा कायम किया गया।
पुलिस ने चेकिंग के दौरान लग्जरी कार सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। जिला कारागार में निरूद्ध मेरठ के थाना परतापुर के गांव गगोल निवासी शहजाद मलिक और नौचंदी थाना क्षेत्र के शास्त्रीनगर निवासी रविन्द्र यादव की जमानत अर्जी को अदालत ने खारिज कर दिया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से पांच लग्जरी कार, दो फर्जी नंबर प्लेट, दो फर्जी आरसी व फाइनेंस से संबंधित अन्य फर्जी दस्तावेज बरामद किए गए। संवाद
लिपिक सहित दो को नहीं मिली अग्रिम जमानत
फर्जी कागजात तैयार करने के गिरोह चलाने में आरटीओ मेरठ में तैनात लिपिक दीपक सहित सहित तीन के नाम प्रकाश में आया था। मौके से पकड़े गए तीन से अभियुक्तों से पूछताछ के बाद पुलिस ने तीनों को वांछित किया। अदालत ने अग्रिम जमानत का आधार पर्याप्त नहीं पाया। मुजफ्फरनगर निवासी लिपिक दीपक और खेड़ा बलरामपुर थाना परतापुर मेरठ निवासी जतिन की अग्रिम जमानत नामंजूर कर दी। इन दोनों की अग्रिम जमानत हाईकोर्ट में लंबित है। संवाद