मुजफ्फरनगर। रामपुर तिराहा कांड से जुडे सीबीआइ बनाम ब्रजकिशोर और सीबीआइ बनाम एसपी मिश्रा मामलों में बुधवार को कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट में पेश होकर दोनों मामलों में थाना झिंझाना के तत्कालीन प्रभारी समेत पांच पुलिसकर्मियों ने अपने वारंट रिकाल कराए।
कोर्ट में पेश न होने के कारण सभी पुलिसकर्मियों के गैर जमानती वारंट जारी किए गए थे। सभी पुलिस कर्मियों को कोर्ट ने निजी मुचलकों पर जमानत प्रदान की। इस मामले में सुनवाई के लिए 29 नवम्बर की तिथि नियत की गयी है।
आंदोलनकारियों से फर्जी हथियार बरामदगी के मामले में सीबीआइ बनाम ब्रजकिशोर में कोर्ट ने तत्कालीन झिंझाना प्रभारी ब्रज किशोर, पुलिसकर्मी अनिल व उमेश के कोर्ट में पेश न होने पर गैर जमानती वारंट जारी किए थे। बुधवार को इस मामले में तीनों आरोपी सिविल जज सीनियर डिवीजन देवेन्द्र सिंह फौजदार की कोर्ट में पेश हुए। कोर्ट में तीनों आरोपियों की तरफ से जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया था। कोर्ट ने सुनवाई करते हुए तीनों को निजी मुचलकों पर जमानत दे दी।
वहीं आंदोलनकारी का शव गंगनहर में बहाए जाने के मामले में सीबीआइ बनाम एसपी मिश्रा मामले में आरोपी तत्कालीन थाना प्रभारी एसपी मिश्रा, तत्कालीन थाना प्रभारी ब्रजकिशोर व गजराज ने कोर्ट में पेश होकर अपने वारंट रिकॉल कराए हैं। इस मामले में भी कोर्ट में पेश होने पर तीनों के गैर जमानती वारंट जारी किए गए है। दोनों मामले में सुनवाई के लिए 29 नवम्बर की तिथि नियत की गयी है।े