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आठ निराश्रित बच्चों के खाते में जाएंगे दस-दस लाख

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मुजफ्फरनगर। कोरोना में माता-पिता दोनों की मौत हो जाने के बाद निराश्रित बच्चों का प्रधानमंत्री देखरेख स्कीम-2021 का लाभ मिलेगा। जिले के आठ बच्चों को इस स्कीम में दस-दस लाख दिए जाएंगे। भरण पोषण को 18 वर्ष की आयु तक इन बच्चों को प्रतिमाह चार हजार रुपये दिए जाएंगे। दस लाख की यह रकम बच्चे 23 वर्ष की आयु के बाद निकाल पाएंगे।
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प्रधानमंत्री देखरेख स्कीम बीते छह अक्तूबर से पूरे देश में शुरू हुई है। इस स्कीम में उन बच्चों को शामिल किया गया है, जिनके माता-पिता की कोरोना के दौरान मौत हुई है या दोनों में से एक की पहले मौत हो चुकी थी और दूसरे की मौत कोरोना में हो गई है। इस स्कीम में बच्चों के डाकखाने में खाते खुलवाए गए है।
आठ बच्चों को इस योजना का लाभ जनपद में दिया जा रहा है। सरकार को इनकी सूची भेज दी गई है, जो स्वीकृत हो गई है। जल्द ही इन बच्चों के खाते में यह पैसा जारी हो जाएगा। यह पैसा इन बच्चों को 23 साल की आयु पूरी करने के बाद मिलेगा। 18 वर्ष की आयु तक इन बच्चों को चार हजार रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। योजना का लाभ लेने वालों में पांच बालिका और तीन बालक है। इनमें चार गांव सूजडू के हैं। दो बच्चे पुरकाजी, एक जसोई और एक शहर के पटेलनगर का है।
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बाल कल्याण समिति ने भेजा प्रस्ताव
सभी आठों बच्चों को योजना का लाभ देने के लिए प्रस्ताव बाल कल्याण समिति ने भेजा है। समिति की अध्यक्षा बीना शर्मा, सदस्य राजीव कुमार, रीना देवी, पिंकी रानी, संदीप कुमार प्रस्ताव भेजने वाली समिति में रहे।
मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना में मिलेगा 95 को लाभ
मुजफ्फरनगर। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना में जिले में 95 बालक-बालिकाओं को लाभ दिया जाएगा। योजना में 18 वर्ष की आयु तक बच्चों के भरण पोषण को ढाई हजार रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। प्रोबेशन अधिकारी मुशफेकीन ने बताया कि 65 बच्चों के खातों में पैसा जारी हो गया है। 30 के खातों में जल्द पैसा जारी होगा। उन्होंने बताया कि इस योजना में उन बच्चों को शामिल किया गया है, जिनके वैद्य अभिभाव की मृत्यु एक मार्च 2020 के बाद हुई है। इस योजना में एक परिवार को दो बच्चों को शामिल किया जा सकता है। 2500 रुपये प्रतिमाह प्रति बालक दिया जा रहा है। 18 वर्ष की आयु के बाद यदि बालक-बालिका उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं उनकी पढ़ाई का खर्च सरकार वहन करेगी। यह खर्च 18 से 23 वर्ष की आयु के बीच उठाया जाएगा।
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