पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी के बाद मैदानी क्षेत्र भी पूरी तरह से शीतलहर की चपेट में है। ठंडी हवाओं के चलते लोग दिन में भी कंपकंपाते नजर आए। सुबह के समय जहां दस बजे तक सड़कों पर खास आवाजाही नजर नहीं आई। शाम ढलते ही बाजार सुनसान हो रहे हैं। आम जन मानस ठंड के चलते पूरी तरह प्रभावित हो गया है।
बीते कुछ दिनों से पहाड़ों पर लगातार बर्फबारी हो रही है। इस बर्फबारी का सीधा असर पहाड़ों के नीचे के मैदानी जिलों में पड़ रहा है। मुजफ्फरनगर जिला इस समय पूरी तरह शीतलहर की चपेट में हैं। ठंडी हवाओं के चलते यहां पारा 2.4 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया है। यह कह सकते हैं कि जमाव बिंदु के नजदीक पहुंच गया है। आम जनमानस पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। रात्रि में तो सड़कें सुनसान हो ही रही है, सुबह और शाम में भी यही हालत बन गए हैं। सुबह को ठंड के कारण लोग देर से उठ रहे हैं।
सुबह को सैर करने वालों की संख्या भी अचानक घट गई है। कंपनी बाग में जहां घूमने वालों की भीड़ रहती थी, यह संख्या घटकर दस प्रतिशत पर आ गई है। अन्य पार्कों में भी यही हालात है। खासकर महिला, बच्चे और बूढे़ अधिक प्रभावित हुए हैं। शाम ढलते ही लोग ठंड से बचने को अपने घरों की ओर दौड़ रहे हैं। शाम को बाजार खाली हो रहे हैं।
बाजारों की रात रौनक गायब होती जा रही है। रात्रि में केवल मूंगफली आदि बेचने वाले ही सड़क पर दिखाई दे रहे हैं। दोपहर के समय भी हालत यह है कि ठंडी हवाओं में लोग कांपते देखे जा सकते हैं। जिले में यातायात व्यवस्था भी पूरी तरह प्रभावित हुई है। रोडवेज और ट्रेनों में सुबह-शाम की भीड़ कम हुई है।
कड़ाके की सर्दी में स्कूल जाने को विवश विद्यार्थी
मुजफ्फरनगर। सुबह के समय सड़के ठंड के कारण जहां सुनसान हैं, वहीं सड़कों पर केवल स्कूली छात्र ही नजर आते हैं। ज्यादातर स्कूलों का समय नौ बजे के आसपास है। इस कारण बच्चों को समय से स्कूल जाना होता है। इसके अलावा सड़क पर वही नजर आ रहे है, जिनकी मजबूरी है। इनमें सब्जी वाले, दूध वाले और घरों में अखबार डालने वाले हॉकर ही शामिल हैं।
चौराहों पर अलाव की व्यवस्था
मुजफ्फरनगर। ठंड के बढ़ते ही शहर के चौराहों पर अलाव की व्यवस्था कर दी गई है। चेयरमैन अंजू अग्रवाल ने बताया कि इस बार समय से पहले ही अधिक ठंड पड़नी शुरू हो गई है। इसके चलते उन्होंने पालिका के अधिकारियों को सभी मुख्य चौराहों पर अलाव की व्यवस्था के निर्देश दिए हैं। ृ