गांव गोयला में मंसूरपुर चीनी मिल बंद होने पर बैठक करते किसान ।फोटो स्रोत ग्रामीण ।
मुजफ्फरनगर। भाकियू शिक्षक प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों ने शिक्षकों की समस्याओं को लेकर बीएसए से मुलाकात की। बीएसए ने प्रकोष्ठ के शिक्षकों की समस्याओं को सुनने से मना किया तो मामले ने तूल पकड़ लिया और देर रात तक शिक्षक धरने पर बैठे रहे। इसके बाद बीएसए संदीप कुमार रात 8:30 बजे शिक्षकों से मिले। उन्होंने आश्वासन दिया की जल्द ही शिक्षकों की मांगों का निराकरण किया जाएगा। बीएसए के आश्वासन के बाद शिक्षकों ने धरना समाप्त कर दिया।
प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष रामरतन बालियान ने बताया कि शाम छह बजे वह शिक्षकों के चयन वेतनमान, प्रोन्नत वेतनमान, सिटीजन चार्टर के कार्यालय पर चस्पा कराने और भोजन माताओं के न आने की समस्याओं को लेकर बीएसए से बात कर रहे थे तो उन्होंने इन विषयों पर बात करने से स्पष्ट मना कर दिया था।
भाकियू और शिक्षक प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों को इससे अवगत कराया। सभी ने मांगों को लेकर धरना देने पर सहमति दी। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष नवीन राठी और शिक्षक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष प्रवेंद्र ने कहा कि जब तक शिक्षकों मांगे पूरी नहीं होंगी, तब तक धरने पर बैठे रहेंगे। देर रात तक सभी धरने पर बैठे रहे।
बीएसए संदीप कुमार ने कहा कि भाकियू शिक्षक प्रकोष्ठ के पदाधिकारी ने अभद्र शैली में उनसे बात की थी। इस कारण से उन्होंने बात करने से मना किया था। उन्होंने बाद में शिक्षकों से बात की और उनकी मांगों का जल्द निराकरण करने का आश्वासन दिया।