संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। अमेरिका की ओर से टैरिफ पर की गई सात प्रतिशत कटौती को जनपद के उद्यमी काफी बेहतर मान रहे हैं। उद्यमियों का कहना है कि इससे लगता है कि टैरिफ में कटौती की शुरूआत हो गई है। पिछले वर्ष जुलाई माह में टैरिफ की घोषणा से जनपद के उद्यमियों में मायूसी छा गई थी।
दवाइयां, इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रॉनिक सामान, रत्न और आभूषण आदि का निर्यात प्रभावित हुआ। देश से निर्यात होने वाले इन सभी उत्पाद की पैकेजिंग में अलग-अलग प्रकार के कागज और गत्ते का प्रयोग किया जाता है।
जनपद में विभिन्न प्रकार का कागज और गत्ता बनाने के लिए 30 से अधिक मिल संचालित हैं। जनपद में निर्मित पेपर का प्रयोग एक्सपोर्ट क्वालिटी के माल की पैकेजिंग में भी होता है। टैरिफ लगने के बाद से पैकेजिंग उद्योग को नुकसान पहुंचा था। जिसका प्रभाव जनपद के पेपर मिलों पर भी पड़ा था।
टैरिफ घटने से कुछ लाभ मिलेगा : पंकज
यूपी पेपर मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष और पूर्व चेयरमैन पंकज अग्रवाल का कहना है कि भारत से निर्यात किये जाने वाले माल पर अमेरिका की ओर से लगाए गए टैरिफ का जनपद पर परोक्ष प्रभाव पड़ रहा है। टैरिफ में सात प्रतिशत कटौती की घोषणा की गई है। यह एक सकारात्मक कदम है। इसका कुछ लाभ पेपर उद्योग को जरूर मिलेगा।
एमएसएमई को कटौती से मिलेगी कुछ राहत : पवन
आईआइ्रए के डिविजनल सेक्रेट्री पवन गोयल का कहना है कि टैरिफ लगने से देश से लोहा, कैमिकल, इंजीनियरिंग का सामान आदि का अमेरिका को निर्यात प्रभावित हुआ। इसका अप्रत्यक्ष प्रभाव स्थानीय एमएसएमई यानी सूक्ष्म, लघु और मध्यम वर्ग के उद्यम पर पड़ा। अब अमेरिका की ओर से सात प्रतिशत टैरिफ घटाने की घोषणा की गई है। इससे एमएसएमई को राहत मिलेगी।