उत्तर प्रदेश में मुजफ्फरनगर पुलिस ने तमंचा फैक्टरियों का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मौके से बड़ी संख्या में बने और अधबने तमंचे, बंदूक व मस्कट, पार्ट्स व असलाह बनाने के उपकरण बरामद किए हैं।
पुलिस लाइन स्थित सभागार में बृहस्पतिवार दोपहर प्रेसवार्ता करते हुए एसपी सिटी सतपाल आंतिल व एसपी देहात नेपाल सिंह ने बताया कि थाना पुलिस ने गांव मुकंदपुर के जंगल में स्थित ईंख के खेत में दबिश दी। खेत में एक युवक तमंचा फैक्टरी चलाता मिला, जिसे गिरफ्तार कर लिया गया। एसपी सिटी ने बताया कि मौके से छह तमंचे, एक बंदूक, पांच अधबने तमंचे, असलहा के पार्ट्स और उपकरण बरामद किए गए। पकड़ा गया आरोपी इंतजार पुत्र बशीर निवासी गांव उमरपुर थाना बुढ़ाना है, जो पहले भी दो बार तमंचा फैक्टरी चलाने में जेल जा चुका है।
उधर, बुढ़ाना थाना पुलिस ने भी गांव जौला में नहर पुलिया के पास स्थित ईंख के खेत में दबिश देकर तमंचा फैक्टरी पकड़ी। यहां मौके से तनवीर पुत्र फतेहदीन निवासी ग्राम भसाना और जाबिर उर्फ मुल्ला पुत्र मुश्ताक निवासी गांव जौला को गिरफ्तार किया गया। मौके से दस तमंचे, दो मस्कट, अधबने तमंचे, तमंचे-मस्कट के पार्ट्स, कारतूस, पार्ट्स और उपकरण बरामद किए गए। एसपी देहात ने बताया कि आरोपी तनवीर पर इससे पहले 26 मुकदमे दर्ज हैं, जबकि जाबिर उर्फ मुल्ला पर दस मुकदमे दर्ज हैं।
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लागत से पांच-छह गुना कीमत पर बेचते हैं हथियार
एसपी देहात नेपाल सिंह ने बताया कि आरोपियों द्वारा तैयार किए जा रहे तमंचे की लागत पांच सौ रुपये आती है, जिसे ढाई से तीन हजार रुपये में बेचा जाता है। वहीं, मस्कट की लागत एक हजार और बंदूक की लागत डेढ़ हजार रुपये तक आती है। तैयार मस्कट व बंदूक करीब पांच से छह हजार रुपये तक बेची जाती है। इनमें तनवीर हथियार तैयार करता है, जबकि जाबिर इन असलहों को देहात क्षेत्र में सप्लाई करता था।
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