मुजफ्फरनगर। लद्दाख में तैनात सैनिक से जमीन का दाखिल-खारिज कराने के एवज में 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में लछेड़ा के लेखपाल को एसडीएम सदर ने निलंबित कर दिया है।
करीब आठ माह पहले गांव मौलाहेड़ी निवासी किसान पप्पू राठी के पुत्र गौरव राठी ने पत्नी के नाम गांव में ही एक बीघा जमीन का बैनामा कराया था। पप्पू राठी ने बताया कि गौरव सेना में लिपिक है और उसकी तैनाती लद्दाख में है। आरोप है कि जमीन का दाखिल-खारिज कराने के नाम पर लछेड़ा के लेखपाल बिजेंद्र सिंह ने रिश्वत में पांच हजार रुपये लिये थे लेकिन उसके बावजूद वह दाखिल-खारिज कराने में टालमटोल कर रहा था।
बताया कि बेटे की ओर से कारण पूछने पर लेखपाल ने फोन पर ही 10 हजार रुपये अतिरिक्त रिश्वत की मांग की थी। इसकी वार्तालाप फोन में रिकॉर्ड हो गई थी। रिकॉर्डिंग सुनाते हुए मामले की शिकायत एसडीएम सदर से की गई गई थी लेकिन कार्रवाई न होने पर भाकियू अराजनीतिक के तहसील अध्यक्ष अंकित जावला के नेतृत्व में 30 मई को तहसील सदर में धरना शुरू कर दिया गया। इसके बाद एसडीएम सदर प्रवीण कुमार द्विवेदी की ओर से कराई गई जांच में आरोप सही पाए जाने पर लेखपाल को निलंबित कर दिया गया।
एसडीएम सदर ने बताया कि निलंबन अवधि में बिजेंद्र कुमार, लेखपाल क्षेत्र लछेड़ा तहसील सदर को राजस्व निरीक्षक कार्यालय तहसील-सदर से संबद्ध किया गया है।