अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। व्हाट्सएप कॉल के जरिए दो करोड़ की रंगदारी के प्रकरण से सुर्खियों में आए कुख्यात सुशील मूंछ को गैंगस्टर के 24 साल पुराने मुकदमे में हाजिर नहीं होने पर अदालत ने भगौड़ा घोषित किया। दूसरे आरोपी कुंवरपाल की पत्रावली पृथक कर दी गई है। गैंगस्टर न्यायालय संख्या-पांच के पीठासीन अधिकारी कासिफ शेख ने सुनवाई की।
हत्या और हत्या प्रयास के मुकदमों के आधार पर 2001 में मथेड़ी निवासी सुशील मूंछ, शहर के अग्रसेन विहार निवासी कुंवरपाल और चंदन के खिलाफ तत्कालीन सिविल लाइन एसओ श्रीभगवान शर्मा ने गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज किया था। विवेचना एसओ डीएन वर्मा ने की। बचाव पक्ष ने प्रकरण में हाईकोर्ट से स्टे ले लिया था। इस दौरान चंदन की मृत्यु हो गई।
अभियोजन की पैरवी के चलते दोनों आरोपियों पर 31 मई 2022 को गैंगस्टर न्यायालय में आरोप विरचित हुए। अदालत में हाजिर नहीं होने के कारण पहले जमानती और फिर गैर जमानती वारंट जारी किए गए थे।
विशेष लोक अभियोजक ठाकुर दिनेश सिंह पुंडीर ने बताया कि बृहस्पतिवार को अदालत ने सुशील मूंछ को भगौड़ा घोषित कर दिया है। स्थायी वारंट जारी किए हैं और पत्रावली दफ्तर दाखिल कर दी गई है। दूसरे आरोपी की पत्रावली पृथक कर सुनवाई होगी। डीजीपी ने कुख्यात पर पिछले दिनों ही एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।