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दागी उम्मीदवारों को वोट न दे जनता : सूर्यप्रताप 

Thu, 01 Sep 2016 12:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
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पूर्व आईएएस अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह। - फोटो : अमर उजाला
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वॉलंटरी एक्शन फॉर सोशल ट्रांसफार्मेशन संस्था के संरक्षक पूर्व आईएएस सूर्यप्रताप सिंह ने कहा कि शुद्ध राजनीतिक वातावरण बनाने के लिए उन्होंने अभियान चलाया है। जनता को चाहिए कि धन बल और बाहुबल के खिलाफ निष्पक्ष और ईमानदार छवि के व्यक्ति को चुनाव जिताएं। दागी को कतई वोट न दें। 
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प्रकाश चौक स्थित एक रेस्टोरेंट में पत्रकारों से बातचीत में सूर्य प्रताप सिंह ने कहा कि पूरे प्रदेश में लोगों को जागरूक करने का काम किया जा रहा है। हमारा यह प्रयास है कि विधानसभा में कोई भी दागी चुनाव न जीत पाए। जनता को चाहिए कि वह विधानसभा में ऐसे लोगों को न भेजें, जो धनबल और बाहुबल से चुनाव जीतने का सपना संजोए हैं। 2017 के चुनाव में उनकी संस्था ऐसे लोगों का विरोध भी करेगी जो दागी हैं और धनबल, बाहुबल के आधार पर चुनाव लड़ेंगे।

भ्रष्ट और माफियाओं को साथ लेकर चुनाव मैदान में आने वाली सभी पार्टियों की पोल जनता के सामने खोली जाएगी। वह प्रदेश में लोकतंत्र बचाने की कोशिश में जुटे हैं। प्रदेश में उनके ढाई लाख वॉलंटियर हैं। अभी तक वह 59 जिलों का भ्रमण कर लोगों को जागरूक कर चुके हैं। उनके संगठन के वालंटियर्स का एक समूह विधानसभा क्षेत्रों में रणनीति के तहत घोषित दागी प्रत्याशियों का चरित्र उजागर करेगा।
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उन्होंने कहा कि चुनाव आते ही दलबदल का खेल शुरू हो जाता है। लाखों-करोड़ों का खेल होता है। स्वच्छ छवि के प्रत्याशियों को चुनने के लिए मतदाताओं को मतदान के लिए प्रेरित भी किया जाएगा। किस पार्टी को ज्वाइन कर रहे हैं के सवाल पर एसपी सिंह ने कहा कि उन्होंने कोई पार्टी ज्वाइन नहीं की है और न ही करेंगे। उनका उद्देश्य है कि विधानसभा में साफ छवि के जनप्रतिनिधि आने चाहिए। 

21 साल पहले रहे जिले के कलक्टर 
सूर्यप्रताप सिंह ईमानदार छवि के अफसर रहे हैं। 1982 बैच के आईएएस सूर्यप्रताप 1995 में मुजफ्फरनगर के डीएम रहे। इसके अलावा वह बिजनौर, बरेली समेत वेस्ट के कई जिलों के कलक्टर रहे हैं। कई विभागों में विशेष सचिव भी रहे। सपा सरकार में भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद के खिलाफ आवाज मुखर करने के बाद वह चर्चाओं में आए। सिंह ने रिटायरमेंट से पहले ही जून 2015 में वीआरएस ले लिया। तभी से वह वास्ट संस्था बनाकर लोकतंत्र और प्रदेश बचाने की मुहिम छेड़े हुए हैं। 
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