अपराध रोकने और अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई के लिए यूपी और उत्तराखंड पुलिस की साझा मीटिंग हुई। जिसमें आला अफसरों ने जिले की सीमाओं में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रखने पर विचार किया। बार्डर पार करने वाले संदिग्धों पर निगाह रखने के साथ उन पर कार्रवाई का मसौदा तैयार किया गया। हाईवे पर भी रात्रि के समय अधीनस्थों को गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
रामपुर चौराहा स्थित शहीद स्मारक में हरिद्वार और मुजफ्फरनगर के पुलिस आला अफसरों की साझा मीटिंग की गई। मीटिंग से पूर्व अधिकारियों ने शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। इसके बाद दोनों जनपदों के एक दर्जन से अधिकारियों ने गोपनीय बैठक अपराध पर नियंत्रण के साथ अपराधियों को पकड़ने पर जोर दिया गया। मीटिंग के बाद एसएसपी अनंतदेव ने बताया कि हरिद्वार जनपद मुजफ्फरनगर की सीमा मिला हुआ है।
बदमाश यहां क्राइम करके हरिद्वार में शरण लेते हैं और हरिद्वार के मुजफ्फरनगर में भाग आते हैं। बदमाश सीमाओं पर सुरक्षा व्यवस्था ढीली होने का लाभ उठा रहे हैं। इससे पुलिस को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कुछ बड़े अपराधी सुनील राठी और जमशेद आदि के कार्यक्षेत्र हरिद्वार एवं उत्तर प्रदेश ही है। इनमें कौन-कौन से अपराधी सक्रिय हैं। इसको लेकर संयुक्त जांच का मसौदा तैयार किया गया है। एक-दूसरे जिले की पुलिस दस साल से सक्रिय बदमाशों की सूची तैयार करेगी।
हरिद्वार के एसएसपी कृष्ण कुमार वीके ने कहा कि दोनों जनपदों का बार्डर होने के कारण साझा बैठक में विचारों का आदान-प्रदान होता है। बैठक में एसपी सिटी ओमबीर सिंह, एसपी देहात अजय सहदेव, सीओ सदर योगेंद्र सिंह, हरिद्वार के एसपी देहात मणीकांत मिश्रा, सीओ मंगलौर परीक्षित कुमार, खानपुर, लक्सर, झबरेड़ा, मंगलौर के थानाध्यक्ष आदि मौजूद रहे।
भीम आर्मी के रावण से रासुका हटाने की वकालत
संयुक्त बहुजन संघर्ष समिति के कार्यकर्ताओं ने भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण और शब्बीरपुर के ग्राम प्रधान पर लगी रासुका हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर कार्यकर्ताओं ने दलित समाज का उत्पीड़न करने का आरोप लगाए। इसके बाद राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा गया।
कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर कार्यकर्ताओं ने चंद्रशेखर उर्फ रावण, भीम आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय रतन, प्रवक्ता मंजी नौटियाल, शब्बीरपुर के ग्राम प्रधान शिव कुमार, सोनू कुमार पर रासुका की कार्रवाई की गई है। यह कार्रवाई पूरी तरह से असंवैधानिक है। उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर को हाईकोर्ट द्वारा सभी मुकदमों में जमानत मंजूर की गई है। सरकार के दबाव में आकर प्रशासन ने उस पर रासुका लगाई है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि रासुका की कार्रवाई को तत्काल नहीं हटाया गया तो तीन दिसंबर को सहारनपुर में प्रदर्शन किया जाएगा। कार्यकर्ताओं ने कहा कि रावण इस समय बीमारी से पीड़ित है, जिसे मेरठ के बजाय दिल्ली में सरकारी खर्च पर अच्छे अस्पताल में भर्ती कराया जाए। इस दौरान सुनील, अतुल सैनी, रिकम, पूूरण सिंह, हरि सिंह वाल्मीकि, कर्मवीर सिंह, रवि कुमार, रोहित पाल, अरविंद पाल आदि मौजूद रहे।