चरथावल क्षेत्र में गिरी ईंख की फसल।
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बारिश से जिले में गन्ने की आपूर्ति बाधित
मुजफ्फरनगर। बारिश ने जिले में गन्ने की आपूर्ति बाधित कर दी है। चीनी मिलों को होने वाली आपूर्ति दो लाख क्विंटल तक कम हो रही है। गन्ना विभाग ने इस बीच यह आदेश जारी कर दिया है कि कितनी ही बारिश हो तौल केंद्र बंद नहीं होंगे। यही कारण है कि बारिश के बीच भी किसान गन्ने की कटाई कर रहे हैं। चीनी मिलों में बारिश के बीच चार से पांच लाख क्विंटल गन्ना प्रतिदिन जा रहा है।
जिले की आठ चीनी मिलों की गन्ना पेराई क्षमता छह लाख 70 हजार क्विंटल प्रतिदिन है। किसान चीनी मिलों को यहां साढ़े पांच लाख से छह लाख क्विंटल के बीच गन्ने की सप्लाई प्रतिदिन करते हैं। बीते दिनों भाकियू के आंदोलन के बाद जिलास्तर पर एक कमेटी गठित की गई थी और यह निर्णय हुआ था कि गन्ने की अधिक मात्रा के चलते सभी चीनी मिल अपनी पूर्ण क्षमता के साथ चलेगी। किसानों को अत्यधिक इंडेंट जारी किया जा रहा था और चीनी मिलों ने पेराई बढ़ा दी थी। बीते एक सप्ताह से लगातार हो रही बारिश ने गन्ना विभाग और प्रशासन की योजना को धराशाई कर दिया है। बारिश में चीनी मिलों में गन्ने की आपूर्ति दो लाख क्विंटल प्रतिदिन तक घट गई है। बीते तीन दिनों की आपूर्ति का औसत चार लाख 35 हजार क्विंटल आया है। बड़ी बात यह है कि खेतों में पानी भरने और तौल केंद्रों पर कीचड़ और पानी होने के बाद भी किसान लगातार गन्ने की कटाई कर रहा है। जिला गन्ना अधिकारी आरडी द्विवेदी का कहना है कि मौसम ने गन्ने का गणित बिगाड़ा है। बारिश के बाद भी सभी तौल केंद्रों को स्पष्ट आदेश जारी कर दिए गए हैं कि कोई भी तौल केंद्र बंद नहीं होगा। कितनी बारिश हो तौल केंद्र चालू करना है। इसी का नतीजा है कि भारी बारिश के बीच भी तौल केंद्रों पर गन्ना पहुंच रहा है। बारिश से आपूर्ति पर फर्क तो पड़ता ही है, फिर भी काफी हद तक कवर किया गया है।
खेतों से गन्ना मिल तक लाना मुश्किल
मुजफ्फरनगर। बारिश के चलते खेतों में धंसन से हालात ऐसे बने हैं कि किसानों को ट्रैक्टर और भैंसा बोगी खेत से निकालना मुश्किल हो रहा है। गन्ना भरने के बाद वाहन चल नहीं पा रहे हैं। बावजूद तमाम परेशानियों के किसान किसी तरह तौल केंद्र और मिलों पर गन्ना पहुंचा रहे हैं।