मेरी मंशा गलत नहीं थी। बच्चे के पेरेंट्स की भी यही डिमांड थी कि इसे टाइट करो, ये पढ़ाई नहीं करता। लेकिन इस घटना के बाद मेरा माइंड अपसेट हो गया है। सोचती हूं, अब जियूं या न जियूं।
यह था मामला
खुब्बापुर गांव के नेहा पब्लिक स्कूल में शिक्षिका तृप्ति त्यागी ने पांच का पहाड़ा नहीं सुनाने पर अल्पसंख्यक समुदाय के यूकेजी के छात्र की सहपाठियों से बेरहमी से पिटाई करा दी। इसी दौरान जातीय टिप्पणी भी की गई। प्रकरण के दौरान पीडि़त छात्र के चचेरे भाई ने वीडियो बना ली। वीडियो के वायरल होते ही देशभर से प्रतिक्रियाएं आने लगी और शिक्षिका की गिरफ्तार की मांग उठती रही।
अब तक क्या हुई कार्रवाई
आरोपी शिक्षिका पर पुलिस ने एनसीआर दर्ज की है। बीएसए शुभम शुक्ला ने नोटिस जारी किया है। स्कूल की मान्यता रद की जाएगी।
किसी दूसरे स्कूल में पढ़ेगा बच्चा
बाल कल्याण समिति के चेयरमैन डॉ. राजीव कुमार ने गांव में पहुंचकर जांच की। पीडि़त बच्चे की काउंसिलिंग की गई। बच्चे का किसी दूसरे स्कूल में प्रवेश कराया जाएगा। किसी भी स्तर पर बच्चे की पढ़ाई को बाधित नहीं होने दिया जाएगा।
देश में नफरत फैलाने की पाठशाला स्वीकार्य नहीं : महमूद मदनी
देवबंद में जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने मंसूरपुर थानाक्षेत्र के खुब्बापुर गांव में हुई स्कूल घटना पर दुख जताया है। मौलाना मदनी ने सरकार से मामले का संज्ञान लेकर दोषी शिक्षिका के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है, साथ ही कहा कि देश में नफरत फैलाने की पाठशाला किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
शनिवार को महमूद मदनी ने नेहा पब्लिक स्कूल में यूकेजी के मुस्लिम छात्र के साथ दूसरे समुदाय के छात्रों से पिटाई कराने और स्वयं आपत्तिजनक टिप्पणी करने के संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग, मानवाधिकार आयोग को पत्र लिखकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। साथ ही कहा देश में नफरत फैलाने की पाठशाला स्वीकार नहीं की जाएगी।