भोपा। क्षेत्र के गांव सिकंदरपुर में सीकरी मार्ग पर पानी की निकासी ना होने के कारण पिछले काफी दिनों से मार्ग में पानी भरा हुआ है। इस समस्या से आधा दर्जन गांवों के हजारों लोग जूझ रहे हैं। यहां निकट में ही स्कूल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सहकारी समिति, मंदिर आदि भी हैं। शासन प्रशासन के अधिकारियों पदाधिकारी के 15 दिन में समस्या का समाधान कर देने का आश्वासन दिया। उसके बाद ग्रामीणों ने पानी से अपनी खाट निकालकर धरना समाप्त किया।
समस्या के समाधान को लेकर रविवार से सिकंदरपुर, रहमतपुर, गड़वाड़ा, सीकरी आदि सहित लगभग आधा दर्जन गांवों के सैकड़ों ग्रामीण मार्ग में भरे पानी के बीच खाट आदि बिछा कर धरना दे रहे थे। मंगलवार को भी सैकड़ों लोग खाट बिछाकर धरने पर बैठे रहे।
धरने की सूचना पर मंगलवार शाम ग्रामीणों के बीच पहुंचे भाजपा के क्षेत्रीय मंत्री अमित राठी, रालोद जिलाध्यक्ष संजय राठी,पूर्व जिलाध्यक्ष अजीत राठी सांसद प्रतिनिधि जगपाल सिंह को वरिष्ठ नागरिक बरफ सिंह व कृष्णपाल सिंह ने बताया कि गांव के खसरा नंबर 571 में 15 बीघा भूमि का तालाब है। जिसमें 1977 में चार व्यक्तियों को छह बीघा भूमि का आवंटन किया गया था। 1980 में निरस्त कर दिया गया था। अनाधिकृत रूप से 1996 में एक व्यक्ति को 9 बीघा भूमि पट्टे के रूप में आवंटित की गई, जिसका विरोध ग्रामीणों ने किया था। तालाब की भूमि पर अवैध कब्जा कराकर वहां दीवार कराकर पानी की निकासी को बंद करा दिया हैं।
उन्होंने कहा कि प्रशासन भूमाफिया से तालाब की भूमि को मुक्त कराकर पानी की निकासी को बहाल करे। मौके पर पहुंचे उपजिलाधिकारी जानसठ राजकुमार भारती ने 15 दिन के अंदर समस्या के समाधान तथा अतिक्रमण करने वाले पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद धरना समाप्त हुआ।
इस मौके पर मैनपाल प्रधान, राजीव कुमार, इरफान अली अप्पी, बिट्टू प्रधान,सुरेंद्र, काबज सिंह,सागर, ,राजेंद्रपाल,राजन,धर्मवीर, विनय, रविंद्र,नरेंद्र,आत्माराम, रोहित, शादाब,सतीश आदि मौजूद रहे। नायब तहसीलदार बृजेश कुमार अजय कुमार,राजस्व निरीक्षक सुनील कुमार शर्मा व ग्राम सचिव इंदु कुमार व लेखपाल विकेश कुमार भी मौके पर मौजूद रहे।
किसानों ने खेतों में खोला पानी
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भोपा। सिकंदरपुर में धरना समाप्त होने के बाद भाजपा नेता अमित राठी के साथ दर्जनों किसानों ने सीकरी मार्ग पर भरे पानी को निकट के खेतों में किसानों की सहमति से खोल दिया गया है। अब मार्ग से पानी छंट गया है।